आज हमें दुनिया की सबसे बड़ी खुशी मिली है। हमें वोट देने का अधिकार मिला और अपनी सरकार चुनने के लिए हमने मतदान किया। हिंदुस्तान बेहतरीन है और हम गर्व से कह सकते हैं कि हम हिंदुस्तान की बेटियां हैं।
यह कहना है पाकिस्तान के कराची में जन्मी माहेरुख और निदा का। हिंदुस्तानी पिता और पाकिस्तानी मां की संतान निदा और माहेरुख को कुछ दिन पहले ही भारतीय नागरिकता मिली। दोनों बहनों ने रविवार को पहली बार काशी में मतदान किया।
पान दरीबा निवासी नसीम की शादी पाकिस्तान के कराची की शाहिदा से हुई। इस दौरान नसीम पाकिस्तान आते जाते रहे। पाकिस्तान में ही नसीम और शाहिदा की दो बेटियां निदा और माहेरुख ने दुनिया में कदम रखा।
शाहिदा को 2007 में भारत की नागरिकता मिली तो वह दोनों बेटियों के साथ हिंदुस्तान आ गईं। लेकिन जन्म पाकिस्तान में होने के कारण निदा और माहेरुख को भारतीय नागरिकता नहीं मिली।