Lok Sabha Election: पूर्वांचल के इन जिलों में लोकसभा चुनाव की तैयारियां तेजी पर हैं। शासन-प्रशासन की ओर से मतदाताओं से वोटिंग की अपील की जा रही है। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने की हर तरह की कवायद चल रही है। जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
मतदाताओं की संख्या के लिहाज से हर चुनाव में लोकसभा क्षेत्रों की ग्रेडिंग तय होती है। हर बार आंकड़े बदल जाते हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में घोसी लोकसभा में सबसे अधिक मतदाता थे तो पूर्वांचल की सबसे बड़ी सीट घोसी थी। इस बार गाजीपुर सबसे बड़ी लोकसभा सीट है और इस पैमाने पर रॉबर्ट्सगंज सीट सबसे छोटी।
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घोसी इस बार दूसरे नंबर पर है और भदोही तीसरे नंबर पर। वहीं वाराणसी इस मामले में चौथे नंबर पर है। यहां 19 लाख 62 हजार मतदाता हैं। पिछले चुनाव में चंदौली में सबसे अधिक मतदान हुआ था। चंदौली के अलावा पूर्वांचल की किसी भी सीट पर 60 फीसदी मतदान नहीं हुआ था।
चंदौली में सर्वाधिक 60.22, बलिया में सबसे कम 54.21 फीसदी वोट पड़े थे। 2019 लोकसभा में चंदौली में सबसे अधिक 60.22 फीसदी मतदान हुआ था जबकि बलिया में सबसे कम 54.21 फीसदी वोट पड़े थे। इसी तरह घोसी में 57.28 फीसदी और गाजीपुर में 58.07 फीसदी मतदान हुआ था।
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भदोही लोकसभा सीट पर 54.46 फीसदी और वाराणसी संसदीय सीट पर 57.11 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकारका प्रयोग किया था। इसी क्रम में जौनपुर में 55.71 फीसदी, मछलीशहर में 55.99 फीसदी, आजमगढ़ में 57.56 व लालगंज में 54.86 फीसदी मतदाताओं ने वोट किया था। वहीं रॉबर्ट्सगंज में 56.11 मतदाताओं ने मत का प्रयोग किया था।