लोकसभा चुनाव अब अंतिम दौर में है। नेता से लेकर उनके समर्थकों ने भी अब पूरी ताकत झोंक दी है। मतदाताओं के दरवाजे तक पहुंचने के साथ ही उम्मीदवार और उनके समर्थक मंदिरों में भी पहुंच रहे हैं। साथ ही मठों, मंदिरों, घाटों व मशान पर तंत्र साधना और यज्ञशाला में जीत की आहुतियां डाल रहे हैं।
वाराणसी लोकसभा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव में उतरने से यहां का चुनावी पारा और चढ़ा है। भाजपा नेताओं ने काफी पहले से यहां डेरा डाल रखा है। साथ ही वे काशी विश्वनाथ मंदिर, कालभैरव, मां दुर्गा मंदिर, विशालाक्षी, केदारेश्वर, महामृत्युंजय महादेव आदि मंदिरों में दर्शन पूजन कर रहे हैं।
साथ ही राजनीतिक दलों के समर्थक भी अपने-अपने पंथ, संप्रदायों और समाज के लोगों को साधने में लगे हैं। मराठी समाज के लोग घरों में गणेश अथर्वशीर्ष का सहत्रावर्तन व रुद्राभिषेक कर रहे हैं। तमिल, तेलुगु व कन्नड़ समाज की ओर से मानसरोवर में तीन दिनों तक हवन पूजन हुआ। इसमें तेलंगाना के सांसद, विधायक भी शामिल हुए।
मारवाड़ी समाज श्रीश्याम मंदिर और सिंधी समाज झूलेलाल मंदिर में पूजन व भजन कीर्तन कर रहे हैं। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि संत समाज भी मठों, मंदिरों में जप-तप कर सनातनी की रक्षा करने वाली सरकार की कामना कर रहा है।
यहां होना है विजय यज्ञ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत के लिए 25 से 31 मई तक विविध अनुष्ठान होंगे। अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा कराने वाले पं. गणेश्वर द्राविड़ शास्त्री के आचार्यत्व में चौखंभा में सामूहिक विजय यज्ञ होगा। गुजराती समाज की ओर से 25 मई को बुलानाला में विजय यज्ञ करेंगे। बंगाली समाज भी जीत के लिए बंगाली टोला में अनुष्ठान करेगा। जैन समाज 26 मई को भेलूपुर जैन मंदिर में भगवान महावीर स्वामी समोशरण विधान कर जीत की कामना करेगा।
विंध्याचल में भी चल रहे हैं पूजन अनुष्ठान
नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए मां विंध्यवासिनी के दरबार में भी अनुष्ठान का दौर अनवरत जारी है। बिहार के एक भक्त द्वारा माता के दरबार में अनुष्ठान चल रहा है। श्री विंध्य पंडा समाज कोषाध्यक्ष तेजन गिरी ने बताया कि अन्य प्रत्याशियों के अनुष्ठान भी साथ-साथ चल रहे हैं।