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तेज बहादुर ने वायरल वीडियो को बताया दो साल पुराना, बोले- हार से घबराए भाजपा नेताओं का ये खेल

Wed, 08 May 2019 11:31 AM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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तेज बहादुर यादव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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बीएसएफ से बर्खास्त जवान और सपा बसपा गठबंधन के स्टार प्रचारक तेज बहादुर यादव का एक वीडियो वायरल हुआ है। उस वीडियो में तेज बहादुर द्वारा पीएम मोदी के हत्या की साजिश रची जा रही है। तेज बहादुर ने इस वीडियो का खंडन किया है।

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तेज बहादुर ने कहा कि दो साल पुराने वीडियो को वायरल किया जा रहा है। यह हार की बौखलाहट से घबराए भाजपा नेताओं का खेल है। इस मामले की जांच हो चुकी है। क्लीन चिट मिलने के बाद इस प्रकार की हरकत से पता चलता है कि पूरे पूर्वांचल की 27 सीटों पर गठबंधन की आंधी है। इसे भाजपा के नेता पचा नहीं पा रहे हैं।

यही कारण है कि वे इस प्रकार का भ्रम फैलाने में लगे हैं। तेज बहादुर ने कहा कि भाजपा जनता को मुद्दों से भटकाने में लगी है। झूठे राष्ट्रवाद की बात करती है। असली राष्ट्रवादी मैं हूं। भाजपा लोगों को जोड़ने की नहीं बल्कि तोड़ने की राजनीति करती है।
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तेज बहादुर ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मैंने नामांकन भरा तो इन लोगों ने दबाव डलवाकर नामांकन खारिज करवा दिया। नामांकन मामले में सुप्रीम कोर्ट की शरण में गया हूं। वहां से मुझे न्याय की उम्मीद है। भाजपा नेता चाहे जो कर ले मैं हारने वालों में से नहीं हूं। 

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आत्मसमर्पण के लिए कोर्ट में किया आवेदन

तेज बहादुर यादव ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पशुपतिनाथ मिश्र की अदालत में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी मामले में आत्मसमर्पण करने का आवेदन दिया है। कोर्ट ने आवेदन पर नौ मई को कैंट थाने से आख्या तलब की है।

हरियाणा के महेंद्रगढ़ के रात्त कला निवासी तेज बहादुर ने अधिवक्ता राजेश गुप्ता और राजकपूर चौधरी के जरिये दिए गए आवेदन में कहा है कि वाराणसी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से वह समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी थे।

तेज बहादुर का नामांकन पत्र खारिज हो गया था। समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिली कि उनके खिलाफ आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का मामला कैंट थाने में दर्ज है। ऐसे में थाने से आख्या तलब की जाए, ताकि कोर्ट में समर्पण किया जा सके।
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