पीएम मोदी ने गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि अब बुआ हो या बबुआ हो, इन लोगों ने खुद को गरीबों से इतना दूर कर लिया है, इन्होंने अपने आसपास पैसे की, वैभव की और अपने दरबारियों की इतनी बड़ी दीवार खड़ी कर ली है कि अब इन्हें गरीबों का दुःख नजर नहीं आता। कुछ दिन पहले राजस्थान के अलवर में एक दलित बेटी के साथ गैंगरेप किया गया था। वहां बहन जी के समर्थन से कांग्रेस की सरकार चल रही है। कांग्रेस की सरकार ने चुनाव को देखते हुए उस दलित बेटी के साथ हुए इस राक्षसी अपराध को छिपाने की कोशिश की।
पीएम मोदी ने गठबंधन प्रत्याशी अतुल राय पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा-बसपा ने यहां से ऐसे उम्मीदवार को टिकट दिया है जो बलात्कार के आरोप में भगौड़ा है। समाजवादी पार्टी का इतिहास तो लोग जानते हैं, लेकिन बहन जी आप क्या ऐसे उम्मीदवार के लिए वोट मांगेगी? पीएम मोदी ने कहा कि ममता बनर्जी मोदी को अपना प्रधानमंत्री नहीं मानती हैं। ममता बनर्जी तो पाकिस्तान के पीएम को अपना प्रधानमंत्री मानती हैं। टीएमसी के गुंडों का वश चले तो मेरा भी हेलीकॉप्टर बंगाल में ना उतरने दे।
ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए कहा कि आज मैं जनसभा करने पश्चिम बंगाल में जा रहा हूं, देखता हूं कि दीदी आज क्या करती हैं। रोक सके तो रोक लें। टीएमसी के गुंडों ने ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को ढहा दिया, मैं वादा करता हूं कि उसी जगह पर ईश्वर चंद्र विद्यासागर की एक बड़ी प्रतिमा लगवाएंगे। मायावती पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बहन जी सब जानती हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार से समर्थन वापस लेने के बजाय वो मोदी को गालियां देने में जुटी हैं।
चंदौली में सबसे पहले मोदी ने लोगों को मतदान करने के लिए प्रेरित किया। बुरी तरह हार देखकर सपा-बसपा सहित ये तमाम महामिलावटी आज पूरी तरह से पस्त है। बेंगलुरु में एक दूसरे का हाथ पकड़ के फोटो खिंचवाई थी। जैसे ही प्रधानमंत्री पद की बात आई तो सब अपना-अपना दांव लेकर अपनी-अपनी ढपली बजाने लग गए। कोई 8 सीट, कोई 10 सीट, कोई 20-22 और कोई 35 सीट वाला प्रधानमंत्री बनने के सपने देखने लगा। लेकिन देश ने कहा- 'फिर एक बार मोदी सरकार'।
पीएम मोदी बोले कि कुछ लोग झूठ और अफवाह फैलाकर हमारे किसानों को गुमराह करना चाहते हैं। मैं आज यहां से पूरे देश के किसानों को बता देना चाहता हूं कि जो पैसे आपके खातों में भेजे जा रहे हैं, वो आपके अपने हैं, आपकी सहायता के लिए हैं। उन पैसों को आपसे कभी भी वापस नहीं लिया जाएगा। हमारी नीति एकदम साफ है। हम जवानों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे। खतरा चाहे सीमा के भीतर हो, या सीमा पार, हम आतंकियों को घुसकर मारेंगे। भारत का खाकर पाकिस्तान के गुण गाने वाले अलगाववादियों के साथ हम सख्ती से निपट रहे हैं।
चंदौली के बाद मिर्जापुर पहुंचे पीएम मोदी का अनुप्रिया पटेल ने स्वागत किया। पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि चमड़ी भी जल जाए ऐसी भयंकर गर्मी में ये जनसैलाब, वो भी चुनाव के सातवें चरण में, ये उत्साह दिल्ली के बड़े-बड़े राजनीतिक ज्ञानियों को देखना चाहिए। अपने सेवक लिए जनता खुद प्रचार करने निकली है, ये मैं मिर्जापुर में अनुभव कर रहा हूं। आपका प्यार जितना बढ़ रहा है, उतनी ही सपा बसपा और कांग्रेस वालों की नींद उड़ रही है। उन्होंने मुझे रोज दी जाने वाली गालियों की डोज को बढ़ा दिया है।
बुआ, बबुआ और कांग्रेस के नामदार, उत्तर प्रदेश की जनता को सिर्फ जातियों में बांटते हैं। उन्हें लगता है कि वोटर उनकी जागीर हैं, वो सोचते हैं कि वो जब चाहें अपनी जागीर दूसरे को दे सकते हैं। ये अपनी कुर्सी की डील में अपने कार्यकर्ताओं को तक भूल जाते हैं। ये महामिलावटी वही लोग हैं, ये वही लोग हैं जिन्होंने महापुरुषों के नाम पर स्मारक बनाने का ढोंग किया और उसमें भी घोटाला कर गए। ये वही लोग हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश को बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी तरसा दिया था। जब इनकी महामिलावटी सरकार थी तो इन्होंने उत्तर प्रदेश के उद्योगों को गुंडाराज की भेंट चढ़ा दिया। इन्होंने मिर्जापुर के शानदार पीतल के काम को, कालीन के कारोबार को बर्बाद कर दिया। इनकी कर्म कुंडली में इतने कारनामे हैं कि बताते-बताते शाम हो जाएगी।
पीएम मोदी ने कहा कि सपा-बसपा और कांग्रेस के नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं को रिमोट कंट्रोल से चलने वाला खिलौना समझ लिया है। चाहे कार्यकर्ता अपमानित महसूस करे, चाहे उसका हौसला टूट जाए, इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। एक लीडर होता है, जो समाज की खुशी के लिए समर्पित होता है, दूसरा होता है डीलर जो सत्ता की कुर्सी के लिए डील करते हैं। सिर्फ अपने स्वार्थ की राजनीति करने वाले सपा-बसपा-कांग्रेस के डीलर उत्तर प्रदेश की समझदार जनता को गलत समझने की भूल कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश और मिर्जापुर की जनता ये जानती है कि कौन आतंकी को घर में घुसकर मार सकता है। कौन आतंकी मसूद अजहर पर बैन लगवा कर उस पर शिकंजा कस सकता है, कौन है जो नक्सलवाद की सफाई कर सकता है। इस चुनाव में नामदारों की पार्टी का यूपी में क्या हाल हो गया है ये भी ध्यान रखिए। बांटने और तोड़ने की राजनीति करने वाली पार्टी, जिसने 4-4 पीढ़ी तक सरकार चलाई। आज वो पार्टी वाले खुद बोलने लगे हैं कि उनकी पार्टी अब वोट कटवा बन गई। नामदारों के अहंकार ने इतने वर्षों के शासन के बावजूद, देश का ये हाल बनाए रखा। उनकी सोच है हुआ तो हुआ। नामदारों की इसी सोच के कारण अब उत्तर प्रदेश और देश की जनता कह रही है कि बस, अब बहुत हुआ। इसके बाद पीएम मोदी ने अपना भाषण खत्म किया।