सुषमा स्वराज ने आर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन की पहली बैठक में भारत को मिले निमंत्रण और पाक के विरोध के बाद हुए अपमान का जिक्र किया।
विदेश मंत्री ने कहा कि 50 साल बाद फिर भारत को आमंत्रण मिला तो पाक ने विरोध किया, मगर पाकिस्तान की कुर्सी खाली थी और भारत मंच पर था। अजहर मसूद का वैश्विक आतंकवादी घोषित होना सरकार की सैन्य और कूटनीतिक जीत थी।
विदेश मंत्री ने विदेशों में पीएम मोदी की रैलियां, एक ट्विट पर फंसे लोगों की भारत वापसी सहित और भी कई मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और अपने 42 साल के राजनीतिक अनुभवों को साझा किया।
मातृ शक्ति समागम के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सांस्कृतिक संकुल से ही स्कूटी रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।