वाराणसी। घर के कुछ सामान लेने शनिवार की सुबह जनरल स्टोर पर गई शांति देवी (70) को क्या पता था कि कुछ ही पलों में मौत झपट्टा मारने वाली है। अभी वह दूकान के पास पहुंची ही थीं कि पीछे से आ रहा ओवरलोड ट्रक धंसने लगा। दूकानदार की नजर पड़ी तो वह शोर मचाते हुए दौड़ा। दूकान के सामने से जा रहे चार बच्चों को तो बचा लिया लेकिन तब तक ट्रक पलट गया और शांति देवी उसके नीचे दब गईं। गनीमत यही रही कि कुछ मिनटों के अंदर उन्हें बचाने के लिए पूरा मुहल्ला उमड़ पड़ा और उनकी जान बच गई वर्ना पुलिस ने तो 20 रुपये में ओवरलोड ट्रक को 15 फीट संकरे रास्ते पर घुसाकर हादसे का मुकम्मल बंदोबस्त तो पहले ही कर दिया था। इसे लेकर नाराज लोगों ने मौके पर पहुंची पुलिस का घेराव कर नारेबाजी भी की।
किरहिया में बेटे के साथ रहने वाली शांति देवी (70) सुबह करीब साढ़े छह बजे कुछ सामान लेने के लिए पास के सत्यम पटवा के जनरल स्टोर पर गई थीं। इसी समय गिट्टी लदा ओवरलोड ट्रक शंकुलधारा से किरहिया होते हुए खोजवां जा रहा था। यह रास्ता महज पंद्रह फिट चौड़ा है। दूकान के सामने पहुंचने पर अचानक ट्रक का पिछला पहिया सीवर के खोदे गए गड्ढे में चला गया और ट्रक दूकान की तरफ
धंसने लगा। सत्यम ने दूकान के सामने से जा रहे चार बच्चों को तो बचा लिया लेकिन शांति देवी ट्रक के नीचे दब र्गइं। घायल शांति को तड़पता देख उन्हें बचाने के लिए पूरा मुहल्ला उमड़ पड़ा। आननफानन गिट्टी गिराकर ट्रक को खाली किया गया। इस बीच सूचना पाकर करीब आठ बजे पुलिस क्रेन लेकर पहुंची। क्रेन से ट्रक को उठाकर वृद्धा को बाहर निकाल बीएचयू अस्पताल ले जाया गया। सिर में गंभीर चोट लगी है। क्षेत्रीय लोगों ने मौके पर पहुंचे एसएसआई गोपालजी गुप्ता का घेराव कर दिया। लोगों का कहना था कि संकरे रास्ते पर ट्रक जाने की अनुमति आखिरकार किसने दी। आरोप था कि पुलिस बीस रुपये देकर ट्रकों को जाने देती है।