जून के बाद अब नवंबर में विवाह के मुहूर्त :
जून के बाद अब सीधे नवंबर और दिसंबर माह में केवल आठ दिन ही शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं। वहीं जून में भी मांगलिक कार्यों के लिए सिर्फ आठ दिन ही शुभ मुहूर्त थे, जिसमें से दो बीत गए हैं। ज्योतिषाचार्य पं दीपक मालवीय ने बताया कि जुलाई के आरंभ में देवशयन होने के कारण अगले चार माह तक मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे।
इस वर्ष शुक्र और गुरु तारा अस्त होने के साथ ही चातुर्मास व धनुर्मास के कारण शुभ कामों के लिए मुहूर्त बहुत ही कम हैं। इससे पहले कोरोना महामारी के चलते कई लोगों की विवाह में अड़चनें आ चुकी हैं। अब लोगों को भड़ली नवमी का इंतजार है। देश के कुछ हिस्सों में भड़ली नवमी को भी अबूझ मुहूर्त मानकर शुभ काम किए जाते हैं, जबकि ज्योतिष ग्रंथों में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है। इस बार भड़ली नवमी 29 जून को आ रही है।
इस साल शुभ कार्यों के लिए कम मुहूर्त :
एक जुलाई से ही चातुर्मास शुरू हो जाएगा, जोकि 24 नवंबर तक रहेगा। इन दिनों में भी शुभ मुहूर्त नहीं रहेंगे। इसके बाद 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच में सूर्य धनु राशि में आ जाएगा, जिसे धनुर्मास कहते हैं। इस एक महीने के दौरान भी शुभ काम नहीं किए जाते हैं। इस दौरान 17 दिसंबर को गुरु तारा भी अस्त हो जाएगा, जो कि 11 जनवरी को उदय होगा।
इस साल विवाह के मुहूर्त :
जून - 11, 13, 15, 16, 25, 27, 29 और 30
नवंबर - 25, 27, 30
दिसंबर - 1, 7, 9, 10 और 11