सुब्रतो कप के लिए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के अंडर 14 टीम में दो बार खेल चुके छित्तूपुर के फुटबालर राज पटेल का चार सदस्यों का परिवार रोजी और राशन की समस्या से जूझ रहा है। अब तक भाड़े के मकान से मिलने वाले किराए से चलने वाला घर का खर्च अब छात्रवृत्ति और कुछ लोगों की मामूली मदद से चल रहा है।
2018 और 2019 में वाराणसी मंडल की ओर से सुब्रतो कप के लिए राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में दो बार हिस्सा लेने वाले फुटबालर का चार सदस्यीय परिवार लॉकडाउन के साइड इफेक्ट का शिकार हुआ है। फुटबालर राज के सर से पांच साल पहले मां का साया और 10 माह पहले पिता का उठ जाने के बाद 75 साल के दादा के सहारे दो भाई और एक बहन का खर्च भाड़े पर चलने दो कमरों से होने वाली आमदनी से चलता था। मगर कोरोना वायरस के कारण बीएचयू में पठन पाठन बंद हुआ तो किराएदार छात्र अपने अपने घर चले गए और आमदनी भी बंद हो गई।
वसंता कॉलेज में बीए की पढ़ाई कर रही बहन को फरवरी में जो छात्रवृत्ति मिली थी और जो खाते में कुछ जमा पूंजी थी उसके सहारे तीन चरणों का लॉकडाउन तो बीत गया, मगर लॉकडाउन 4 में घर का खर्च चलना मुश्किल हो गया है। बड़ा भाई शिवम अभी नाबालिग है।
अब आमदनी का कोई जरिया भी नहीं है। राज के फुटबाल प्रशिक्षक गोपाल प्रसाद ने बताया कि राज एक उभरता हुआ होनहार फुटबालर है। जिसने सुब्रतो कप के लिए दो बार के राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में एक बार तीसरे स्थान पर भी रहा।