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कोरोना की मारः विद्युत शवदाह गृह पर लगी शवों की कतार, 13 लोगों का हुआ अंतिम संस्कार 

Tue, 13 Apr 2021 12:04 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में कोरोना के केस बढ़ने से मरीजों की मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। वाराणसी में अब 8458 एक्टिव केस हैं। वहीं, 402 लोगों क मौत हो चुकी है। हरिश्चंद्र घाट पर मरीजों की कतार लग रही।
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death from corona - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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वाराणसी में विद्युत शवदाह गृह हरिश्चंद्र घाट पर कोरोना से हुई मौत के बाद शवों की कतार लगनी शुरू हो गई है। सोमवार को शाम छह बजे तक 13 शव आए। इनमें से पांच आस पास के जिलों के और आठ स्थानीय रहे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़े के अनुसार सोमवार को कोरोना से तीन मौतें हुई हैं।
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शवदाह गृह प्रभारी अधिशासी अभियंता अजय राम ने बताया कि दो शवदाह गृहों में सभी शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें 13 शव कोरोना पॉजिटिव थे। 8 वाराणसी के थे जबकि पांच अन्य जिलों के थे। इनमें एक आजमगढ़, एक भदोही, दो चंदौली, एक अंबेडकर नगर के शव थे। यहां आने वाले शव एक दो दिन पुराने भी होते हैं। ये शव घर या मोर्चरी से आते हैं।

देर रात हुई मौत के बाद यहां लाने में सुबह हो जाती है। इस नाते इनकी गिनती आज के आंकड़े में होती है। उधर नगर आयुक्त गौरांग राठी ने हरिश्चंद्र घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाट पर एक पीआरडी जवान को तैनात करने को कहा। कोरोना पॉजिटिव मृतकों के शवों के अंतिम संस्कार के लिए एक रजिस्ट्रेशन काउंटर की व्यवस्था कराई गई।
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एक शव को जलने में 1:30 घंटे का लगता समय 

टोकन के माध्यम से शवों का अंतिम संस्कार होगा। पीपीई किट पहनकर जो भी मृतक के परिजन आ रहे हैं। उनके कोरोना किट, ग्लव्स, मास्क आदि का इस्तेमाल के बाद इधर उधर न फेंकने और डिस्पोस्जल डस्टबिन लगवाने को कहा। मुख्य द्वार पर सेनेटाइजेशन करने के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए भेजा जा रहा है। प्रत्येक शव का अंतिम संस्कार के बाद शवदाह गृह को पूरी तरह से सैनिटाइज किया जा रहा है। हरिश्चंद्र घाट के समीप कंटेनमेंट जोन का निरीक्षण किया। 

एक शव को जलने में 1:30 घंटा समय लग रहा है। इसके बाद इसे सैनिटाइज करने, साफ सफाई में 15 मिनट का समय लग रहा है। इसके बाद दूसरे शव को जलाया जा रहा है। एक शव जलाने के लिए पांच सौ रुपये गैस का मूल्य लिया जाता है। टोकन देकर शवों को जलाया जा रहा है। यहां आने वाले शव में आधे स्थानीय हैं और बाकी आसपास के जिलों के हैं। जिनका शव बीएचयू व अन्य अस्पतालों से आया है। 

नगर निगम सीमा में शामिल गांव में मशीन के साथ 300 कर्मचारी तैनात
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नगर आयुक्त ने बताया कि नगरीय सीमा से सटे नए गांव जो नगर निगम सीमा में शामिल हुए हैं। वहां के लिए 300 कर्मचारी लगाए गए हैं। मंडुवाडीह, चितईपुर, कंचनपुर, भगवानपुर, सुसुवाही आदि इलाकों में मशीन भी लगाई गई है। हैंड स्प्रे मशीन 115, फायर बिग्रेड मशीन 2, जलकल जेटिंग मशीन 3, फागिंग के लिए मीडियम मशीन 2, फागिंगन लिको मशीन 2 अौर 25 साइकिल फागिंग मशीन से सोडियम हाइपो क्लोराइड, मैलाथियान, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। 
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