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लाइटें खुद ऑन-ऑफ होंगी: एक ही जगह से होगी हाईवे की बिजली व्यवस्था की निगरानी, लगेंगे ऑटोमेटिक कंट्रोल सिस्टम

Wed, 20 May 2026 10:44 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में अब ऑटोमेटिक कंट्रोल सिस्टम के जरिए स्ट्रीट लाइटें संचालित होंगी। नई व्यवस्था के तहत उजाला होते ही लाइटें स्वतः बंद और अंधेरा होने पर खुद चालू हो जाएंगी। इससे बिजली की बचत के साथ निगरानी भी आसान होगी। नगर निगम स्मार्ट सिस्टम के जरिए शहर की प्रकाश व्यवस्था को और बेहतर बनाने में जुटा है।
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स्ट्रीट लाइट खुद ऑन और ऑफ होंगी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi News: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के रीजनल कार्यालय वाराणसी की ओर से अलग-अलग राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था को बेहतर किया जा रहा है। इसके लिए सेंट्रलाइज्ड वेब-बेस्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (सीसीएमएस) लगवाए जाएंगे। इस सिस्टम के जरिये राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग लगाई जा रही है। इससे राजमार्गों पर प्रकाश व्यवस्था की रियल-टाइम निगरानी के साथ लाइट्स को ऑटोमेटिक कंट्रोल किया जा सकेगा।

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वाराणसी कार्यालय से जुड़े पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों में इस हाईटेक लाइटिंग सिस्टम को लगाने का काम 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल इस प्रयास के तहत सबसे पहले वाराणसी-हनुमना सेक्शन (एनएच-35), डगमपुर-लालगंज (एनएच-35), लालगंज-हनुमना (एनएच-135), आजमगढ़ गोसाईंबाजार-वाराणसी (एनएच-233), सुल्तानपुर-वाराणसी (एनएच-56), वाराणसी-गाजीपुर (एनएच-31), वाराणसी रिंग रोड-बाबतपुर हरहुआ, संदहा-बाबतपुर में स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग लगाई जाएगी।

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ये स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग तकनीक एक सेंट्रलाइज्ड वेब-बेस्ड पोर्टल के जरिये संचालित होगी। इससे स्ट्रीट लाइट्स को एक ही जगह से मॉनिटर किया जा सकेगा। इसमें आईपी बेस्ड मॉनिटरिंग हैं। यदि किसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोई लाइट खराब या बंद होती है, तो केंद्रीय सिस्टम को इसकी तुरंत जानकारी मिल जाएगी, यानी लाइटिंग की रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। 

ये सिस्टम जीपीएस तकनीक से जुड़ा होगा जिससे खराब लाइट की लोकेशन फौरन पता चल जाएगी। कितनी लाइटें खराब हैं, उसकी सटीक जानकारी कंट्रोल रूम को मिलेगी। इसके अलावा ऑटोमेटिक कंट्रोल सिस्टम की मदद से दिन के उजाले और रात के अंधेरे के हिसाब से लाइटें खुद चालू और बंद होंगी, जिससे बिजली की भारी बचत होगी।
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