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वाराणसी में लिफ्ट गिरने का मामला : पुलिस ने मांगा सर्विसिंग प्रमाण पत्र, बिल्डर बोले बाहर हूं... आकर दिखाऊंगा

Tue, 10 Dec 2024 04:01 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News : वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के विराट एमएस में लिफ्ट गिरने का मामला काफी चर्चा में है। इसमें दो लोग भी घायल हुई थी। यहां रहने वाले एक शख्स ने लिफ्ट की शिकायत जिलाधिकारी से कर दी है। अपने शिकायती पत्र में पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए जांच की मांग की है।
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लिफ्ट गिरने की घटना का सीसीटीवी फुटेज आया सामने। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विराट एमएस मंडुवाडीह में रहने वाले डाॅ. प्रत्युष रंजन ने बिल्डर की शिकायत डीएम और मंडुवाडीह पुलिस से की। साथ ही डीएम से इसकी सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की। पुलिस ने बिल्डर से लिफ्ट सर्विसिंग का प्रमाण पत्र मांगा है। रविवार को एमएस विराट विला में सुबह लिफ्ट गिर गई थी। इससे दो लोग घायल हो गए थे।

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शिकायत के बाद पुलिस ने बिल्डर को फोन करके थाने बुलवाया। हालांकि बिल्डर ने बाहर होने की बात बताई। अपने दो कर्मचारियों को मंडुवाडीह थाने पर भेजा। थानाध्यक्ष भरत उपाध्याय ने बताया कि बिल्डर को दो टूक बताया गया है कि वह लिफ्ट सर्विसिंग के कागजातों का प्रमाण प्रस्तुत करें। बिल्डर ने कहा कि वह अभी बाहर हैं आते ही वह कागज दिखा देंगे। उधर डाक्टर ने डीएम को भेजे शिकायती पत्र में पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए जांच की मांग की है।



सोसाइटी या बिल्डर की होती है लिफ्ट मेंटेनेंस की जिम्मेदारी
नियमानुसार बड़ी बिल्डिंगों में लगे लिफ्ट मेंटेनेंस की जिम्मेदारी सोसाइटी या बिल्डर की होती है। शहर में 495 बड़ी बिल्डिंगों में लिफ्ट लगे हैं। हर साल लिफ्ट लगाने वाली कंपनियों इसका मेंटेनेंस करती हैं। इसके लिए बाकायदा बिल्डिंग की सोसाइटी या सोसाइटी न होने पर बिल्डर की ओर से लिफ्ट कंपनियों से मेंटेनेंस का एग्रीमेंट होता है। हर दो से तीन महीने पर लिफ्ट कंपनियां इसकी जांच करती रहती हैं। यदि कोई खराबी होती है तो उसकी मरम्मत कराई जाती है। ज्यादातर बिल्डिंग सोसाइटी के हवाले हैं जबकि कुछ बिल्डिंग में अभी सोसाइटी का गठन न होने के कारण बिल्डरों की देखरेख में है।

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लिफ्ट को लेकर जिम्मेदार संवेदनशील नहीं
रिटायर्ड प्लानर एके सिंह ने बताया कि सोसाइटी और बिल्डर लिफ्ट को लेकर संवेदनशील नहीं होते हैं। लापरवाही से इस प्रकार के हादसे होते हैं। इसके अलावा लिफ्ट में खराबी वहां रहने वालों की लापरवाही से भी होती है। लिफ्ट में लोग भारी भारी सामान लेकर आते-जाते हैं। जब वहां की सोसाइटी और बिल्डर मना करते हैं तो लोग झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। बिल्डिंग के हर घर से मेंटेनेंस के नाम पर हर महीने पैसा लिया जाता है। इसी पैसे से पूरी बिल्डिंग की जनसुविधाओं की जांच होती रहती है।

लिफ्ट फेल होने के प्रमुख कारण
  • ओवरहीटिंग - ओवरहीटिंग एक प्राथमिक कारक है जो ब्रेक को नुकसान पहुंचाती
  • सिस्टम ओवरलोडेड - लिफ्ट की भार क्षमता से अधिक भार होने पर ब्रेक फेल
  • इलेक्ट्रिकल फेलियर- खराब वायरिंग या इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट ब्रेक फेल
  • मैकेनिकल फेलियर - घिसे-पिटे या क्षतिग्रस्त मैकेनिकल पार्ट्स ब्रेक में खराबी
  • ब्रेक पैड का फिजिकल वियर- समय के साथ, ब्रेक पैड घिस सकते हैं, जिससे ब्रेक फेल होता है
  • ब्रेक पैड पर रिवेट्स का ढीला होना- ढीले रिवेट्स ब्रेक पैड के फंक्शन खराब
  • ब्रेक पैड पर लुब्रिकेंट -अत्यधिक लुब्रिकेंट से ब्रेक पैड में खराबी
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लिफ्ट फेल होने से बचाने के उपाय
  • ब्रेक पैड, ब्रेक रोटर और ब्रेक फ्लूइड की नियमित रूप से निगरानी
  • ब्रेक का उचित समायोजन और रखरखाव सुनिश्चित करें
  • लिफ्ट को ओवरलोड करने से बचें
  • किसी भी इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल समस्या का तुरंत समाधान

बोले अधिकारी
बिल्डिंग के नक्शे की जांच वीडीए करती है। नक्शे के विपरीत बिल्डिंग बनने पर वीडीए कार्रवाई करती है। बिल्डिंग बनने के बाद वहां के मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी बिल्डर और सोसाइटी की होती है। - डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, सचिव, वीडीए
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