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UP News: श्रीमठ पंचगंगा घाट के महाराज की हत्या कर घर के आंगन में दफना दिया था शव, दोषी दंपती को आजीवन कारावास

Sun, 03 Mar 2024 11:34 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

श्रीमठ पंचगंगा घाट के महाराज की हत्या में दोषी दंपती को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्या दिसंबर 2017 में हुई थी। दोषियों ने हत्या करने के बाद शव को अपने घर के आंगन में ही दफना दिया था। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश नीरज कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने श्रीमठ पचगंगा घाट के महाराज राजेंद्र दास उर्फ डॉक्टर चौहान की हत्या मामले में अभियुक्त मुन्नू पासवान और राधिका देवी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। 

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अदालत ने 10 गवाहों के बयान के बाद दंपती मुन्नू व राधिका को हत्या और शव छिपाने के आरोप में दोषी पाया। जंसा के सुमेरापुर निवासी वादी विनोद कुमार सिंह की प्राथमिकी के अनुसार उसके गांव में मुन्नू पासवान के घर श्रीमठ पचगंगा घाट के महाराज राजेंद्र दास का आना-जाना पांच वर्षों से था। 

6 दिसंबर 2017 की रात में राजेंद्र दास घर आए थे, वह जब भी आते थे तो छत पर टहलते थे, जब वह दिखाई नहीं दिए, तब 8 दिसंबर 2017 की सुबह मोहल्ले के लोग मुन्नू से पूछने गए तब घर में जाने से मना कर दिया। 
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अभियुक्त मुन्नू पासवान और राधिका देवी ने मिलकर महराज राजेंद्र दास की हत्या कर शव को अपने घर के आंगन में दफना दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की और अभियुक्तों के घर के आंगन से खोदाई कर शव को बाहर निकाला। 

विवेचना में पता चला कि मृतक का अभियुक्त की पुत्री और पत्नी से अवैध संबंध था। इसी रंजिश में हत्या कर दी गई। अभियुक्त पति मुन्नू व पत्नी राधिका को पुलिस ने 9 दिसंबर 2017 को गिरफ्तार किया। तभी से दोनों जेल में निरुद्ध रहे। अदालत ने विचारण के बाद दंपती को दोषी पाया और सजा सुना दी।

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