अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह की अदालत ने छह वर्ष पुराने साड़ी व्यवसायी हत्याकांड के मामले में बृहस्पतिवार को दोषी रामबाबू सोनकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 45 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की राशि में से 50 प्रतिशत राशि पीड़िता रेशमा गुप्ता को देने का आदेश दिया है। न्यायाधीश ने कहा कि दोषी का कृत्य उसे कठोर दंड का भागी बनाता है।
अभियोजन के अनुसार, सैदपुर निवासी रेशमा गुप्ता ने 3 अगस्त 2019 को थाने में तहरीर देकर बताया कि वह पति सुशील गुप्ता, पुत्री दीक्षा और नवी गुप्ता के साथ 2 अगस्त 2019 को कमरे में सो रही थीं। इसी दौरान वाहन सवार हेलमेट लगाकर दो अज्ञात व्यक्ति घर आए और दरवाजे का चैनल तोड़कर दूसरे मंजिल पर पहुंच गए। कमरे का दरवाजा खोलकर साड़ी व्यवसायी पति सुशील गुप्ता के सीने में गोली मार दी। पति को सरकारी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने सुशील को मृत घोषित कर दिया। दोषी घर में रखे जेवरात व नकदी लेकर भाग गया।
इस घटना के बाद पीड़ित परिवार सैदपुर की अपनी सारी संपत्ति बेचकर पलायन कर गया। मामले में पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की। विवेचना में रामबाबू सोनकर का नाम सामने आया।
रामबाबू सोनकर की मां साड़ी व्यवसायी के घर काम करती थी। पुलिस ने रामबाबू सोनकर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। अभियोजन की तरफ से 13 गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने दोनों तरफ की बहस सुनने ने बाद रामबाबू को दोषी पाया। संवाद