वाराणसी के गंभीर आपराधिक प्रकरणों के आरोपियों को लाइसेंसी असलहे रखना अब मुश्किल होगा। जिले के ऐसे लोगों को सूचीबद्ध कर पुलिस उनके लाइसेंस को निरस्त कराने में जुट गई है। फिलहाल जिले के 14 और मिर्जापुर का एक शख्स के असलहों से संबंधित 18 लाइसेंस निरस्त करने के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है।
पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल की राइफल व माउजर, उनके भाई विजय कुमार जायसवाल की रिवाल्वर, राइफल व दोनाली बंदूक व हीरालाल जायसवाल की पिस्टल, कपसेठी के सकलपुर के राजनाथ शुक्ला की दोनाली बंदूक, चोलापुर के अल्लीपुर के रामअधार सिंह की एकनाली बंदूक, रोहनिया के औढ़े के कृपाशंकर दुबे की एकनाली बंदूक व उनके बेटे शंकर शरण दुबे की रिवॉल्वर, सिगरा के अमित कुमार सिंह की पिस्टल, नगवा के नागेश सिंह की रिवॉल्वर व उनके भाई संजय सिंह की राइफल, नगवा के राकेश राय की रिवाल्वर, मिर्जापुर के कछवा थाना के पड़ेरी गांव के चंद्रभूषण सिंह की रिवॉल्वर, लाहोरी टोला के सोनू कपूर उर्फ मनीष की रिवाल्वर, शिवपुर थाना के नरायनपुर के शिवशंकर सिंह की एकनाली बंदूक और रमरेपुर पहड़िया के पंकज चौबे की पिस्टल।
लाइसेंसी असलहाधारक आपराधिक मामलों के आरोपियों का सत्यापन जारी है। आगामी दिनों में कुछ अन्य लोग भी कार्रवाई की जद में आएंगे। इसी तरह लाइसेंसी असलहे और गोलियां बेचने वाले कुछ शस्त्र विक्रेता भी संदेह केे घेरे में हैं। पुलिस के अनुसार तफ्तीश जारी है और साक्ष्य मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।