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वाराणसी: 500 रुपये घूस लेने वाले लेखपाल को चार साल की कैद, 2008 में रंगे हाथ हुआ था गिरफ्तार 

Thu, 28 Oct 2021 11:51 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए लेखपाल शिवमोहन सिंह पटेल ने 500 रुपये रिश्वत मांगी थी। सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने 20 अगस्त 2008 को बारा तहसील के पास लेखपाल को पांच सौ रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
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Pratapgarh News : court - फोटो : प्रतापगढ़
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विस्तार
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विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) आलोक कुमार सिंह की अदालत ने घूस मामले में आरोपी लेखपाल को चार साल की कैद और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर एक माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। आयुक्त अदालत के फैसले पर वादी को जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए लेखपाल ने 500 रुपये रिश्वत मांगी थी।

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अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक आलोक कुमार श्रीवास्तव व एडीजीसी सुरेश कुमार मौर्य के अनुसार प्रयागराज के घूरपुर थाना अंतर्गत पिपराव गांव स्थित जमीनबंटवारे का विवाद आयुक्त की अदालत में चल रहा था। वहां से इम्तियाज अहमद की मां के पक्ष में निर्णय देकर कब्जा दिलाने का फैसला दिया।

सात अगस्त 2008 को बारा परगनाधिकारी के यहां प्रार्थना पत्र दिया गया। जमीन पर कब्जा दिलाने की जिम्मेदारी लालापुर के चिल्ला गोहनी निवासी लेखपाल शिवमोहन सिंह पटेल की थी। कब्जा दिलाने के लिए 13 अगस्त 2008 को इम्तियाज अहमद ने शिवमोहन सिंह पटेल से मुलाकात की। उससे शिवमोहन सिंह ने 500 रुपये रिश्वत मांगी।
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पढ़ेंः एसपी ने एसआई को किया लाइन हाजिर, टॉप-10 अपराधियों का नाम न बता पाने पर कार्रवाई

इम्तियाज ने 17 अगस्त 2008 को इसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान के पुलिस अधीक्षक से की। सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने 20 अगस्त 2008 को बारा तहसील के पास शिवमोहन सिंह पटेल को पांच सौ रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

 काशी विश्वनाथ कॉरिडोर फर्जी विज्ञापन देने मामले में आरोपी की जमानत खारिज

 प्रभारी जिला जज पुष्कर उपाध्याय की अदालत ने काशी विश्वनाथ मंदिर कारीडोर में फर्जी दुकान आवंटन का विज्ञापन देने मामले में आरोपी शशिकांत चौरसिया  की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। दो दिन पहले इस मामले के दो आरोपी महेंद्र प्रजापति व रत्नेश्वर उर्फ आशु की जमानत अर्जी  खारिज हो चुकी है। अदालत ने दोनों पक्ष के सुनने व पत्रावली के अवलोकन के बाद अपराध की गंभीरता को देखते हुए अर्जी निरस्त कर दी। अदालत में अभियोजन की ओर से डीजीसी आलोक चंद्र शुक्ला ने पक्ष रखा।
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विवाहिता को भगाने के दोषी को तीन साल की कैद

छह साल पूर्व विवाहिता को भगा ले जाने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश नीरज कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी बाबूलाल पटेल को दोषी पाते हुए तीन साल की कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एडीजीसी प्रथमेश पांडेय के अनुसार फूलपुर थाना क्षेत्र के सगुनहा गांव निवासी बाबूलाल पटेल के खिलाफ नौ मई 2015 को युवती के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था।
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