वाराणसी में चल रहे विकास कार्यों की रिपोर्ट अब सबसे पहले यहां के जनप्रतिनिधि देखेंगे। त्रुटि होने पर उसे सुधारा भी जाएगा। यह फैसला रोपवे स्टेशन के गोदौलिया प्रकरण से लिया गया है। इसके पहले मुख्यमंत्री ने भी रोपवे की प्रगति रिपोर्ट देखी तो उन्होंने भी निर्देश दिए कि स्टेशन कहीं और किसी जगह पर बनाइए।
जिले में अब किसी भी प्रोजेक्ट की डीपीआर शासन को भेजने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दिखाई जाएगी। उनकी आपत्ति, सुझाव के बाद ही उसे आगे बढ़ाया जाएगा। ताकि प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद उसमें कोई दिक्कत न आए। यह फैसला रोपवे स्टेशन के गोदौलिया प्रकरण से लिया गया है।
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यहां रोपवे स्टेशन को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई। वहीं बाद में यहां विरोध होने के बाद अब प्रशासन को उसकी जगह बदलनी पड़ रही है। इससे प्रोजेक्ट में भी देरी होगी और बजट भी गड़बड़ाएगा। रोपवे प्रोजेक्ट के पिलर निर्माण का काम लगभग पूरा हो गया है। सभी स्टेशनों के निर्माण का काम भी लगभग पूरा होने को है, लेकिन गोदौलिया पर बनने वाला स्टेशन अब तक नहीं बन सका है।
इसका मुख्य कारण, यहां स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू किया तो विधायक नीलकंठ तिवारी ने यह बात शासन में रखी कि गोदौलिया पर स्टेशन का निर्माण करना ठीक नहीं है। इसके बाद यहां काम शुरू नहीं हो सका। देव दीपावली पर आए मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में रोपवे की प्रगति रिपोर्ट देखी तो उन्होंने भी निर्देश दिए कि स्टेशन कहीं और किसी जगह पर बनाइए।
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डीपीआर से पहले एलिवेटेड फ्लाईओवर की सर्वे रिपोर्ट देखेंगे जनप्रतिनिधि
वरुणा नदी के ऊपर करीब 15 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड फ्लाईओवर सड़क बनाने की तैयारी हो गई है। इसका सर्वे पूरा कर लिया गया है। यह दो लेन की रोड चौकाघाट से शुरू होगी, उसे रिंग रोड पर हरहुआ से करीब दो किलोमीटर आगे तक जाएगी। जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें रिपोर्ट दिखाई जाएगी।