Varanasi News: ज्ञानवापी के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी, सुधीर त्रिपाठी व दीपक सिंह ने कहा कि सनातन धर्म में हर देवी देवता का पांच प्रहर का दर्शन पूजन का प्रावधान है, जबकि मां शृंगार गौरी का वर्ष में एक बार दर्शन पूजन का अधिकार होना सौ करोड़ हिंदुओं के लिए काला अध्याय है।
ज्ञानवापी परिसर में विराजमान मां शृंगार गौरी के दर्शन के लिए ज्ञानवापी की वादिनी महिलाओं के नेतृत्व में महिलाएं दर्शन पूजन करेंगे। मैदागिन से शोभायात्रा आरंभ होगी। यात्रा में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु जैन समेत धर्माचार्य भी शामिल होंगे। यह निर्णय गुरुवार को मां शृंगार गौरी के दर्शन पूजन के लिए निकलने वाली यात्रा के संबंध में चेतगंज स्थित सरस्वती वाचनालय में लाल बाबू की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
विज्ञापन
कार्यक्रम संयोजक हिंदू पक्ष के पैरोकार सोहन लाल आर्य ने बताया कि चैत्र नवरात्र की चतुर्थी पर 12 अप्रैल को मैदागिन स्थित गोरक्षपीठ से मां शृंगार गौरी की दर्शन पूजन यात्रा निकलेगी।
मां शृंगार गौरी का हर दिन दर्शन पूजन हो यह हम सभी का लक्ष्य है। उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता हरिशंकर जैन व विष्णु शंकर जैन की प्रेरणा से काशी की चार महिलाएं लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास, रेखा पाठक ने मुकदमा दायर किया है। हर समय दर्शन पूजन का वाद लंबित है जिसका फैसला शीघ्र आने की संभावना है। बैठक के जरिए काशीवासियों से अनुरोध किया गया है कि वह धर्म रक्षार्थ शृंगार गौरी का दर्शन पूूजन करें।