लोगों की सुरक्षा करने वाली पुलिस ही कचहरी में असुरक्षित
सुबह 10 बजे के बाद दरोगा मिथिलेश प्रजापति के पिता राजाराम, मां कमला देवी, पत्नी इंदू, बड़े भाई डॉ. संजय समेत अन्य परिजन पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। पिता ने कहा कि तीन दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं है। कैसे वर्दी सुरक्षित है, आज मेरे बेटे के साथ हुआ, कल किसी और बेटे के साथ होगा। बड़े भाई संजय ने कहा कि योजना के तहत मिथिलेश को मारा गया। आधे घंटे तक भाई अधिवक्ताओं की भीड़ में फंसा रहा और कोई पहुंचा नहीं। उसे सभी को फोन लगाया। लोगों की सुरक्षा करने वाली पुलिस ही सुरक्षित नहीं है। इस बीच पहुंचे पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सभी को कार्यालय के अंदर बुलाया। समझाया कि पुलिस जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित है।
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एडीसीपी वरुणा नीतू पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
इस बीच दरोगा के परिजनों के मामले में कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए कुछ अधिवक्ता पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे, जिन्हें पुलिस कर्मियों ने रोक दिया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एडीसीपी नीतू कात्यायन ने दुर्व्यवहार भी किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने नारेबाजी की।