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अधिवक्ता-दरोगा प्रकरण: विवेचना तक किसी अधिवक्ता की नहीं होगी गिरफ्तारी, पुलिस की तरफ से माफी भी नहीं

Fri, 19 Sep 2025 07:21 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में सेंट्रल, बार और अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था की बैठक में तय हुआ कि विवेचना तक किसी अधिवक्ता की गिरफ्तारी नहीं होगी। 
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दरोगा के परिजनों को समझातीं एडीसीपी नीतू कात्यायन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अधिवक्ता-दरोगा प्रकरण से कचहरी का माहौल तल्ख बना हुआ है। बृहस्पतिवार को भी अधिवक्ताओं ने परिसर में जुलूस निकाला और नारेबाजी की। उधर, तीन दिन बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से क्षुब्ध दरोगा के परिजनों ने पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। एक घंटे तक चले धरना के दौरान पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और एडीसीपी नीतू ने सभी को समझाया।

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पुलिस आयुक्त ने परिजनों को आश्वस्त किया कि यह हमला सिर्फ मिथिलेश पर नहीं, बल्कि महकमे पर है। मारपीट में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी तय है। आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे तो इससे पुलिस का मनोबल गिरेगा।

उधर, कमिश्नरी सभागार में दोपहर के समय मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में सेंट्रल और बनारस बार पदाधिकारियों, अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था शिवहरी मीणा, डीसीपी प्रमोद कुमार, डीसीपी गोमती आकाश पटेल और एडीएम सिटी आलोक वर्मा की बैठक हुई। तय हुआ कि विवेचना तक आरोपी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी नहीं होगी।
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सीसी टीवी फुटेज, वीडियोग्राफी में दरोगा पर हमला करने वालों की पहचान और गिरफ्तारी सुनिश्चित हो। पुलिस की ओर से माफी नहीं है। प्रशासन ने कहा कि पैरोकार कचहरी नहीं जा रहे हैं, स्थिति को सामान्य किया जाए। बार पदाधिकारियों ने पुलिस और प्रशासन ने कहा कि एडीसीपी नीतू कात्यायन का रवैया ठीक नहीं है, कचहरी से उन्हें दूर रखा जाए। वहीं, किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। बार हर सहयोग को तैयार है।

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लोगों की सुरक्षा करने वाली पुलिस ही कचहरी में असुरक्षित
सुबह 10 बजे के बाद दरोगा मिथिलेश प्रजापति के पिता राजाराम, मां कमला देवी, पत्नी इंदू, बड़े भाई डॉ. संजय समेत अन्य परिजन पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। पिता ने कहा कि तीन दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं है। कैसे वर्दी सुरक्षित है, आज मेरे बेटे के साथ हुआ, कल किसी और बेटे के साथ होगा। बड़े भाई संजय ने कहा कि योजना के तहत मिथिलेश को मारा गया। आधे घंटे तक भाई अधिवक्ताओं की भीड़ में फंसा रहा और कोई पहुंचा नहीं। उसे सभी को फोन लगाया। लोगों की सुरक्षा करने वाली पुलिस ही सुरक्षित नहीं है। इस बीच पहुंचे पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सभी को कार्यालय के अंदर बुलाया। समझाया कि पुलिस जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित है।

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एडीसीपी वरुणा नीतू पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
इस बीच दरोगा के परिजनों के मामले में कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए कुछ अधिवक्ता पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे, जिन्हें पुलिस कर्मियों ने रोक दिया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एडीसीपी नीतू कात्यायन ने दुर्व्यवहार भी किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने नारेबाजी की।
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