ई-बसों में पैनिक बटन और दिव्यागों के लिए रैंप, बुधवार को हुआ था ट्रायल
बुधवार को मिर्जामुराद से अखरी बाईपास होते हुए सारनाथ, मुनारी व दूसरे रूट में मिर्जामुराद से कैंट लंका व राजघाट मार्ग पर ट्रायल किया गया। इस दौरान बस में यात्रियों की जगह अन्य चालक व परिचालक सवार थे। शहर को वायु प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है। तय रूट पर 23 बसें सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी।
बस में महिलाओं और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं दी गई हैं। बस में चालक को लेकर कुल 29 सीटें हैं। दो जनप्रतिनिधियों, दो दिव्यांगों और चार महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। हर चार सीट के अंतर पर पैनिक बटन लगाया गया है। दिव्यांगों के प्रवेश के लिए दूसरे दरवाजे पर रैंप है। मंगलवार को 46 चालकों को नियुक्त किया गया था। बुधवार को 62 परिचालकों की नियुक्ति हुई। बस में नो स्मोकिंग अलार्म लगाया गया है।
पांच कैमरे रखेंगे नजर
बस में पांच कैमरे लगाए गए हैं। जो सभी यात्रियों पर नजर रखेंगे। तीन कैमरे अंदर और दो बस के आगे-पीछे बाहर की ओर लगाए गए हैं। ताकि बाहर भी निगरानी रखी जा सके। बैक कैमरा पीछे से आ रहे वाहनों और टर्निंग में सहायक होगा।
बस में कर सकेंगे मोबाइल चार्ज
बस में यात्रियों के लिए मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। चार सीटों के अंतराल पर दो-दो चार्जिंग प्वाइंट हैं। इससे आगे और पीछे बैठे दोनों ही यात्रियों को मोबाइल चार्ज करने में आसानी होगी।
इमरजेंसी के लिए चार हथौड़े
बस में चार हथौड़े भी रखे गए हैं। इमरजेंसी में शीशा तोड़कर लोगों को बचाया जा सकेगा। इसे बाकायदा पैक कर सीट के ऊपर फिट किया गया है। ताकि कोई भी इसे आसानी से हासिल कर सके।
डेस्टिनेशन बोर्ड बताएगा कहां पहुंचे
बस में डेस्टिनेशन बोर्ड लगाया गया है। जिसे बस में बैठे यात्री देखकर आने वाले ठहराव को जान सकेंगे। इसी दौरान पास में लगे पैनिक बटन को दबाकर बस रुकने के लिए एनाउंसमेंट कर सकेंगे।
गेट पर लगा ऑटोमैटिक बटन
दोनों गेटों पर ऑटोमैटिक प्रेसर बटन लगाया गया है। जिसे यात्री बाहर से दबाकर भी गेट खोल सकेंगे। यही नहीं बस कार की तरह बिना गेट बंद हुए स्टार्ट नहीं होगी।