कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि भारत रत्न लता जी ने 36 भारतीय भाषाओं में अपने स्वर को दिया है। 1000 से अधिक हिंदी गीतों को आवाज देने वाली लता दीदी को 1989 मे दादा साहेब फाल्के पुरस्कार तथा 2001 मे भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया गया था।
आपके निधन से भारतीय संगीत के एक युग का अंत हो गया। वो भारतीय संस्कृति और साहित्य कला के जननी के रूप में स्थापित थीं। बाबा विश्वनाथ जी आपकी आत्मा की शिव सायुज्य प्रदान करें। शोक व्यक्त करने वालों में विश्वविद्यालय परिवार सहित निदेशक प्रकाशन डॉ पद्माकर मिश्र, प्रो रमेश प्रसाद, जनसम्पर्क अधिकारी शशींद्र मिश्र थे।