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लता मंगेशकर का निधन: बनारस के संगीत घराने में शोक की लहर, भारत रत्न स्वर कोकिला एक बार ही आईं थीं काशी

Sun, 06 Feb 2022 12:15 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

स्वर कोकिला कहलाने वालीं भारत रत्न  लता मंगेशकर का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। इस सूचना के बाद से बनारस के संगीत घराने में शोक की लहर है। लता मंगेशकर को चाहने वाले दुखी हैं। 
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लता मंगेशकर - फोटो : सोशल मीडिया
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भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन की खबर से उनके चाहने वाले दुखी हैं। सात दशक तक अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाली लता दीदी का जाना हर किसी को खल गया। बनारस के संगीत घराने में शोक की लहर है। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष पद्मश्री राजेश्वर आचार्य ने बताया कि लता मंगेशकर 1950 में काशी आईं थीं।

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पंडित ओंकार नाथ ठाकुर की ओर से मजदा सिनेमा के सामने संगीत समारोह का आयोजन किया गया था। उस समय उनकी प्रसिद्धि युवाओं में खूब थी। लता जी भारतीय संगीत और संस्कृति की राजधानी कहे जाने वाले बनारस में केवल एक बार आईं। इसके बाद उन्होंने कभी भी बनारस में कदम नहीं रखा। 

संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति ने जताया शोक
सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों का तांता लगा हुआ है। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने कहा कि आज भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर का 92 साल की उम्र में मुंबई के ब्रिच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। निधन की सूचना से स्तब्ध और मर्माहत हूं। 

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कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि भारत रत्न लता जी ने 36 भारतीय भाषाओं में अपने स्वर को दिया है। 1000 से अधिक हिंदी गीतों को आवाज देने वाली लता दीदी को 1989 मे दादा साहेब फाल्के पुरस्कार तथा 2001 मे भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया गया था। 

आपके निधन से भारतीय संगीत के एक युग का अंत हो गया। वो भारतीय संस्कृति और साहित्य कला के जननी के रूप में स्थापित थीं। बाबा विश्वनाथ जी आपकी आत्मा की शिव सायुज्य प्रदान करें। शोक व्यक्त करने वालों में विश्वविद्यालय परिवार सहित निदेशक प्रकाशन डॉ पद्माकर मिश्र, प्रो रमेश प्रसाद, जनसम्पर्क अधिकारी शशींद्र मिश्र थे।
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