काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में कार्य करते मदजूर।
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श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर की सारी चुनौतियां दूर हो चुकी हैं। धाम परिसर के लिए भवनों की खरीदारी और ध्वस्तीकरण का काम देव दीपावली से पहले पूरा हो गया। मणिकर्णिका घाट छोर पर स्थित अंतिम मकान भी ध्वस्त हो गया। यह ट्रैफिक फैसिलिटेशन सेंटर के निर्माण में बाधक था।
कॉरिडोर क्षेत्र में मणिकर्णिका घाट के छोर पर स्थित अंतिम मकान की रजिस्ट्री के बाद उसे ध्वस्त करा दिया गया। काशी विश्वनाथ धाम के लिए पहले 270 भवन खरीदे जाने थे, लेकिन अंतिम डीपीआर में भवनों की संख्या 314 तक पहुंच गई। मणिकर्णिका घाट के छोर पर स्थित अंतिम मकान को लेकर पेंच फंसा हुआ था।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता संजय गोरे ने बताया कि भवनों के ध्वस्तीकरण का काम पूरा हो चुका है। अब केवल मलबा हटाना बाकी है। प्रोजेक्ट को समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर जोर है। ट्रैफिक फैसिलिटेशन सेंटर के निर्माण में बाधक मकान को ध्वस्त करा दिया गया है।