गिरफ्तार युवतियों ने पुलिस को बताया कि वह बीते साल गर्मी में भी संजय के बुलाने पर आईं थी। साल भर से ज्यादा समय से संजय के मकान में उजबेकिस्तान और नेपाल सहित अन्य देशों से भी युवतियां देह व्यापार के लिए आती थीं। मगर, पुलिस व एलआईयू इससे बेखबर रही।
यह पहला मौका नहीं है जब पुलिस और एलआईयू से ऐसी चूक हुई है। इससे पहले बीती जनवरी में गिरफ्तार आईएसआई एजेंट राशिद ने अपना पासपोर्ट लंका क्षेत्र से बनवाया था, जबकि वह चंदौली के पड़ाव क्षेत्र के चौरहट में रहता था।
इसी तरह दो अफगानी युवक आजमगढ़ जिले से फर्जी आधार कार्ड और मतदाता परिचय पत्र बनवाकर शरण लिए रहे। इनमें से एक ने फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवा लिया और दूसरा बनवाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन पुलिस और एलआईयू को भनक तक नहीं लगी।