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विदेश से युवतियों को बुलाकर मकान मालिक चला रहा था देह व्यापार का अड्डा, आठ गिरफ्तार

Mon, 10 Feb 2020 08:19 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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वाराणसी के पहड़िया क्षेत्र की संजय नगर कॉलोनी निवासी संजय सिंह उर्फ पप्पू सिंह देश के अलग-अलग राज्यों और विदेशों से युवतियों को बुलाकर देह व्यापार का अड्डा चलाता था। यह खुलासा करते हुए कैंट थाने की पुलिस ने सोमवार को संजय सहित चार पुरुषों और चार महिलाओं को अदालत में पेश किया। कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया।

पुलिस ने संजय के मकान से .32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल, 41 कारतूस, पांच बाइक, लगभग 70 हजार रुपये, दर्जन भर मोबाइल, गर्भ निरोधक सामग्री और आधार कार्ड सहित अन्य कागजात कब्जे में लिए हैं। मौके से भाग निकलने वाली उजबेकिस्तान की युवती सहित अन्य युवक और युवतियों की तलाश की जा रही है।

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उधर, भागने के प्रयास में तीन मंजिला मकान की छत से नीचे कूदने के दौरान जान गंवाने वाली युवती की शिनाख्त हो सकी है। युवती के मोबाइल की मदद से शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। कैंट थानाक्षेत्र की संजय नगर कॉलोनी के लोगों ने रविवार रात पुलिस को सूचना दी थी कि संजय के मकान में देह व्यापार का अड्डा चलता है।

पुलिस आई तो कुछ युवक और युवतियां छत से कूद कर भाग निकले। इनमें से एक युवती की मौत हो गई और चार पुरुष व चार युवतियां पकड़े गए। गिरफ्तार युवकों की शिनाख्त संजय सिंह उर्फ पप्पू, मीरापुर बसही की गौतम बिहार कॉलोनी के आनंद कुमार सिंह, सोनातालाब क्षेत्र की वैष्णो नगर कॉलोनी के सोनू चौरसिया व करन कुमार के तौर पर हुई।
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वहीं, युवतियाें की शिनाख्त मंडुवाडीह क्षेत्र के कंदवा, मुंबई और पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी की निवासी के तौर पर हुई। गिरफ्तार युवतियों के अनुसार, वह सभी गरीब घरों से ताल्लुक रखती हैं। मोटी रकम के लालच में आकर वह देह व्यापार से जुड़ी थीं। संजय के कहने पर अलग-अलग देशों की युवतियां उसके मकान में रहती थीं।

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पुलिस और एलआईयू की कार्यशैली फिर गंभीर सवालों के घेरे में

गिरफ्तार युवतियों ने पुलिस को बताया कि वह बीते साल गर्मी में भी संजय के बुलाने पर आईं थी। साल भर से ज्यादा समय से संजय के मकान में उजबेकिस्तान और नेपाल सहित अन्य देशों से भी युवतियां देह व्यापार के लिए आती थीं। मगर, पुलिस व एलआईयू इससे बेखबर रही।

यह पहला मौका नहीं है जब पुलिस और एलआईयू से ऐसी चूक हुई है। इससे पहले बीती जनवरी में गिरफ्तार आईएसआई एजेंट राशिद ने अपना पासपोर्ट लंका क्षेत्र से बनवाया था, जबकि वह चंदौली के पड़ाव क्षेत्र के चौरहट में रहता था।

इसी तरह दो अफगानी युवक आजमगढ़ जिले से फर्जी आधार कार्ड और मतदाता परिचय पत्र बनवाकर शरण लिए रहे। इनमें से एक ने फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवा लिया और दूसरा बनवाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन पुलिस और एलआईयू को भनक तक नहीं लगी।

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