शास्त्री जी के पैतृक आवास पर रोजाना पहुंच रहे तमाम लोग
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पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के स्मारक पर अब पहले से ज्यादा चहल-पहल होने लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यहां आने से पहले यह गली सूनी रहती थी। हालात ऐसे हो गए हैं कि तमाम पर्यटकों को यहां से निराश लौटना पड़ रहा है। इसकी वजह स्मारक पर ताला लगा होना है।
संस्कृति और पर्यटन विभाग इस मामले में उदासीन है।
‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देने वाले शास्त्री जी के पैतृक आवास को धरोहर घोषित किया जा चुका है फिर भी बहुत कम लोग इसको देखने पहुंचते थे।
छह मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गली में स्थित शास्त्री जी के घर पहुंचे और वहां काफी देर तक रहे। उनके परिवारवालों से बातचीत भी की। इसके बाद इस धरोहर के बारे में और जानने और वहां जाकर सेल्फी की ललक में स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक भी पहुंचने लगे।
स्थानीय निवासी बबलू साहनी की मानें तो स्मारक में रोजाना तीन से पांच सौ पहुंच रहे हैं। पार्षद संतोष शर्मा ने बताया कि लोग स्मारक देखने के लिए आ तो रहे हैं पर अक्सर ताला बंद रहने से वे निराश हो जाते हैं।
पूर्व पार्षद त्रिलोकी प्रसाद ने बताया कि स्मारक में एक कर्मचारी था। वह सेवानिवृत्त हो गया तो प्रशासन ने यह जिम्मेदारी किसी दूसरे कर्मचारी को नहीं दी।
वहीं आवास से जुड़े ट्रस्ट के लोगों का कहना है कि हमने एक व्यक्ति स्मारक की देख-रेख के लिए रखा है पर मरम्मत कार्य के चलते कभी-कभी ताला खोलने में देर हो जाती है।