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महाशिवरात्रिः भक्तों की लगी कतार, गूंजी भोले की जय-जयकार

Fri, 24 Feb 2017 12:27 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/
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महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़ा आस्था का जन सैलाब - फोटो : अमर उजाला
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 महाशिवरात्रि पर शुक्रवार को काशी का हर कोना शिवमय हो जाएगा। देश के कोने-कोने से आस्थावानों का कारवां बाबा दरबार की ओर मुड़ चुका है।
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रात करीब 11 बजे  छत्ताद्वार से श्रद्धालुओं की कतार लग गई।

इन भक्तों को छह घंटे इंतजार करना होगा। मंगला आरती के बाद भोर में पट खुलेंगे तब जलाभिषेक शुरू होगा। इसके लिए चाक-चौबंद तैयारियां की गई हैं। गोदौलिया से मैदागिन के बीच वीआईपी वाहनों की भी आमदरफ्त प्रतिबंधित कर दी गई है।
दो पहिया वाहन भी इस मार्ग पर नहीं चलेंगे। रात 12 बजे से ही दशाश्वमेध-गिरजाघर, सोनारपुरा-चौक मार्ग पर यातायात रोक दिया गया। 

बाबा विश्वनाथ के मुक्तांगन को रंग-बिरंगे फूलों से देर रात सजाया गया। चितरंजन पार्क से लेकर दशाश्वमेध घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ रात में ही लग गई। गंगा स्नान के साथ ही भक्त बाबा के दरबार में दर्शन के लिए कतारबद्ध होने लगे।
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रात 2:15 से 3:15 बजे तक मंगला आरती के बाद भोर में श्रद्धालुओं के लिए पट खोल दिए जाएंगे और जलाभिषेक आरंभ हो जाएगा। शुक्रवार की दोपहर 12 से 12:30 तक भोग आरती के बाद रात को 10:49 बजे तक अनवरत दर्शन-जलाभिषेक चलेगा।

छत्ताद्वार से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा और सरस्वती फाटक से निकास होगा। 

मणिकर्णिका घाट पर संकल्प, पंचक्रोशी परिक्रमा आरंभ

महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़ा आस्था का जन सैलाब - फोटो : अमर उजाला
मणिकर्णिका घाट पर संकल्प लेने के साथ गुरुवार की रात काशी में पंचक्रोशी परिक्रमा आरंभ हो गई। सैकड़ों की तादाद में महिलाओं, युवाओं का रेला परिक्रमा के लिए निकल पड़ा। पौराणिक मान्यता है कि इस परिक्रमा से जाने-अनजाने में हुए पापों का शमन हो जाता है।

पंचक्रोशी परिक्रमा के पहले पड़ाव भीमचंडी पर रात को ही दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं ने पड़ाव डाल दिया। यह परिक्रमा पांच पड़ावों से होकर पूरी होगी। 
इस बार युवाओं की सर्वाधिक भीड़ परिक्रमा पथ पर देखी गई। गांव-गांव से युवाओं की टोलियां निकल पड़ीं।

महिलाएं सिर पर गठरी लेकर चलीं तो बुजुर्ग कंधे पर कंबल और झोला। कतारबद्ध आस्थावान मणिकर्णिका घाट पर चक्रपुष्करिणी तीर्थ पर संकल्प लेने के बाद घाट मार्ग से ही अस्सी पहुंचे। वहां से भीमचंडी के बाद दूसरा पड़ाव कर्दमेश्वर महादेव होगा।

इसके बाद रामेश्वर, पांचों पंडवा, कपिलधारा से होकर आदिकेशव घाट होते हुए मणिकर्णिका घाट से ज्ञानवापी में पहुंचकर करीब 80 किमी लंबी परिक्रमा यात्रा पूरी होगी। इस परिक्रमा के लिए दिन रात-श्रद्धालुओं की लयबद्ध कतार चलती रहेगी।   
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चार पहर की आरती के कार्यक्रम

पंचक्रोशी परिक्रमा आरंभ - फोटो : अमर उजाला
24 फरवरी की रात को 10:50 पर शंख बजेगा। इसी के साथ प्रथम पहर की आरती के लिए गर्भगृह में शद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया जाएगा। रात 11 बजे से 12:30 तक आरती चलेगी। 
द्वितीय प्रहर की आरती 
रात 1:20 पर शंख बजेगा और दर्शनार्थियों को रोक दिया जाएगा। रात 1:30 से दो बजे तक आरती होगी। 
तृतीय प्रहर की आरती 
रात 2:55 पर शंख बजेगा और श्रद्धालुओं को रोक दिया जाएगा। तीन बजे से भोर 4:25 तक आरती होगी। 
चतुर्थ प्रहर की आरती 
25 फरवरी की सुबह 4:55 पर शंख बजेगा और श्रद्धालुओं का गर्भगृह में प्रवेश रोक दिया जाएगा। इसके बाद पांच से 6:15 तक आरती होगी।

प्रतिबंधित वस्तुएं
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माचिस, खैनी, पेन ड्राइव, लाइटर, कैमरा, पेन, चाकू, नारियल जैसी प्रतिबंधित वस्तु के साथ मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।    
 
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