सरकारी डॉक्टर डॉ. डीपी सिंह की 11 वर्ष पूर्व हुई हत्या की साजिश रचने के आरोप में पत्नी डॉ. शिल्पी सहित छह अन्य आरोपी बरी कर दिए गए थे। इस दौरान प्रसूती एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिल्पी के बेटे उमंग (उस समय नाबालिग था) ने मां का साथ दिया था। डॉ. शिल्पी के नर्सिंग होम का नाम भी बेटे के ही नाम पर था। बेटे के लिए अलग से केबिन तक बनी थी।
डॉ. डीपी सिंह की 11 वर्ष पहले 13 सितंबर 2007 को पांडेयपुर क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में डॉ. शिल्पी को हत्या की साजिश रचने के आरोप में छह अन्य आरोपियों के साथ जेल भेजा गया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। बाद में सभी को कोर्ट ने बरी कर दिया था और केस खत्म हो गया।
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मौत से पहले बेटे में पति का रूप देखने और मारपीट का आरोप तक डॉ. शिल्पी ने लगाए। डॉ. शिल्पी के पास मिले सुसाइड नोट में बेटे उमंग पर आरोप लगाया है कि वह उनकी हत्या करना चाहता था और संपत्ति हड़पना चाहता है। पुलिस मौत के कारणों की जांच में जुटी है।