वाराणसी के बड़ागांव थाना के बेरवा गांव निवासी बेलदार बुद्धू राजभर (45) ने सूदखोरों से आजिज आकर मंगलवार को फांसी लगाकर जान दे दी। पत्नी की तहरीर के आधार पर बड़ागांव थाने की पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बुद्धू राजभर पीडब्लूडी में बेलदार का काम करता था। पांच बच्चों के पिता बुद्धू ने ब्याज पर दो लोगों से कर्ज लिया था। पत्नी मंजू के अनुसार, मानापुर गांव निवासी रिंकू सिंह और इंदरखापुर के बच्चा सिंह आए दिन उसके पति को ब्याज और मूलधन के लिए परेशान करते थे। मंगलवार सुबह घर पर उसका पति फंदे से लटका मिला।
आननफानन उसे फंदे से उतार कर नजदीक स्थित क्लीनिक में ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष बड़ागांव संजय सिंह ने बताया कि दो लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
रामनगर। भीटी गांव स्थित कॉलोनी नंबर चार में बस चालक जमील खान उर्फ रिंकू (43) ने फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना पाकर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस के अनुसार घटना की वजह पारिवारिक कलह है। बलिया का मूल निवासी जमील खान भीटी गांव में एक वर्ष से किराये का मकान लेकर तीसरी पत्नी बेगम व लड़कियों के साथ रह कर प्राइवेट बस चलाता था।