विश्वविद्यालय पहुंचे जापानी राजदूत केन्जी हिरामात्सु
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पर्यावरण संरक्षण के लिए क्योटो विश्वविद्यालय, जापान और बीएचयू साथ मिलकर काम करेंगे। शोध के साथ ही पर्यावरण से जुड़े पहलुओं पर दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षक और छात्र परस्पर सहयोग को बढ़ावा देंगे। गुरुवार को विश्वविद्यालय पहुंचे जापानी राजदूत केन्जी हिरामात्सु ने कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी के अलावा पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान की निदेशक प्रो. कविता शाह से इस अनुबंध पर विस्तृत बातचीत की। केएन उडप्पा सभागार में आयोजित संगोष्ठी में पर्यावरण संरक्षण के लिए जापान में चल रहे कार्यों का मॉडल भी दिखाया।
‘पर्यावरण के क्षेत्र में भारत के लिए जापान के अनुभव व योगदान’ विषयक इस संगोष्ठी में हिरामात्सु ने बताया कि जापान सरकार की ओर से पर्यावरण संरक्षण के लिए कौन सी परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। इसके लिए अपनाई जा रही तकनीकों की भी उन्होंने जानकारी दी।
बताया कि जापान सरकार ने प्रदूषण जनित रोगों से निजात के लिए राष्ट्रीय एवं स्थानीय स्तर पर सख्त नियम-कानून बनाए और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू किया। उन्होंने जापान सरकार की मदद से मेट्रो रेल, इंटेलिजेंट परिवहन तंत्र, गंगा एक्शन प्लान सहित भारत में संचालित अन्य परियोजनाओं की भी चर्चा की।
कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रो. जीएस सिंह, प्रो. एएस रघुवंशी, प्रो. कुमार पंकज, प्रो. रोयाना सिंह आदि मौजूद रहे।
जापान के राजदूत केन्जी हिरामात्सु ने गुरुवार को नगर निगम प्रेक्षागृह के स्थान पर जापान सरकार के सहयोग से बनने वाले कन्वेंशन सेंटर का जायजा लिया। 120 करोड़ की लागत से 2.8 एकड़ में बनाए जाने वाले इस कन्वेंशन सेंटर की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
जापानी राजदूत ने अब तक के कार्यों की प्रगति के बारे में स्थानीय अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान नगर निगम के अधिशासी अभियंता अरविंद श्रीवास्तव भी मौजूद थे।