हालांकि 2006 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन वह जेल से गैंग का संचालन करते रहे। इसी दौरान 2008 में बृजेश सिंह को ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया गया। बागपत जेल में बीते साल मारे गए मुन्ना बजरंगी को मुख्तार अंसारी का दायां हाथ कहा जाता था।
पूर्वांचल की सियासत और जरायम जगत की गहराई से जानकारी रखने वालों का मानना है कि मुख्तार को इन दिनों एक के बाद एक सफलता मिलने से उनके कुनबे का कद बढ़ा है। आगामी दिनों में पूर्वांचल की सियासत पर इसका क्या असर होगा यह देखने लायक बात होगी।