इनके वकील जानबूझकर कानून की कमजोरियों का फायदा उठाकर इन्हें बचाने का प्रयास कर रहे हैं जो समाज, देश व कानून के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि बेटी घर की लक्ष्मी होती है। ऐसे में निर्भया जैसी बेटी के गुनहगारों को फांसी की सजा न देकर उनके हाथ पैर काट देने चाहिए।