गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज करते हुए परिसर के एएसआई सर्वे को हरी झंडी दी है। इसके साथ ही एएसआई सर्वे को तत्काल प्रभाव से प्रभावी कर दिया है।
ज्ञानवापी प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश आते ही राष्ट्रीय हिन्दू दल संगठन ने सड़कों पर जश्न मनाना शुरू कर दिया। सड़कों पर पटाखे फोड़कर और ढोल-गाजे-बाजे के साथ शंखनाद कर एक दूसरे को मिठाई खिलाकर हर्ष मनाया। संगठन के अध्यक्ष रोशन पाण्डेय और प्रदेश अध्यक्ष बबलू अग्रहरि ने कहा कि हमलोग कई वर्षों से ज्ञानवापी की लड़ाई लड़ रहे थे अब नंदी की प्रतीक्षा पूरी होते दिख रही है। हमें बाबा विश्वनाथ से पूरा उम्मीद है फैसला हम लोग के पक्ष में है। ज्ञानवापी हिंदुओं को मिलकर रहेगा।
ज्ञानवापी के पिछले हिस्से की दीवार, जिस पर हिंदू धर्म से जुड़े निशान मिलने के दावे
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हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि एएसआई का सर्वे संबंधी जिला अदालत का आदेश सही है। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी अब सुप्रीम कोर्ट जा सकती है, लेकिन वहां भी उनकी दलीलें काम नहीं आएंगी। ज्ञानवापी में इतने साक्ष्य मौजूद हैं और वह स्वत: गवाही दे रहे हैं कि मंदिर को तोड़ कर उसके ढांचे पर मस्जिद बनाई गई है। सर्वे के दौरान हम लोग एएसआई को पूरी तरह से सहयोग करेंगे। सर्वे का काम जल्द संपन्न हो, यह हमारी प्राथमिकता में है।