उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने झूठी बरामदगी दिखाते हुए जिलेटिन रॉड का मामला गढ़ा और न केवल उन्हें, बल्कि उनके भाइयों और रिश्तेदारों को भी मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। विकास सिंह के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम ने उनके परिवार का सुख-चैन छीन लिया और निर्दोष लोगों को बेवजह जेल की सजा भुगतनी पड़ी।
हालांकि, उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद मामले में नई जांच शुरू हुई, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, जौनपुर पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि कथित रूप से अंकित सिंह और खुशबू किन्नर ने तत्कालीन एसएचओ के साथ मिलकर अपने ही घर की दीवार में बम विस्फोट कराया था, ताकि निर्दोष लोगों को फंसाया जा सके।
विकास सिंह ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य आरोपी खुला घूम रहा है, तब तक उनके जीवन पर खतरा बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और मामले में निष्पक्ष व सख्त कार्रवाई की मांग की है।