कैंट तिराहाः पार्किंग बेलगाम, मनमानी खुलेआम
चौकाघाट फ्लाईओवर विस्तार के लिए कैंट तिराहे से लहरतारा कैंसर अस्पताल तक खुदाई होने से इस समय यह जाम का सबसे बड़ा प्वाइंट बन गया है, बावजूद इसके पार्किंग ठेकों के सारे नियम-कानूनों को दरकिनार कर जाम से निजात की प्रशासन के उच्चाधिकारियों की कोशिशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
पार्किंग ठेकों से होने वाली आय के लिए नगर निगम और ठेकेदारों के सिंडिकेट की यह मनमानी पूरे शहर के लिए मुसीबत बन गई है। कहीं बीच सड़क पार्किंग का ठेका दे दिया है तो कहीं खुदाई वाले स्थानों पर पार्किंग कराई जा रही है। कैंट तिराहे पर बेतरतीब पार्किंग और जाम की बड़ी वजह खुद नगर निगम और यातायात पुलिस है। कैंट तिराहे से लहरतारा कैंसर अस्पताल तक एक तरफ लोग फ्लाईओवर के लिए चल रही खुदाई से परेशान हैं तो दूसरी तरफ जहां खुदाई चल रही है, उसके ठीक बगल में नगर निगम ने पार्किंग ठेका भी दे रखा है। नतीजा, हर वक्त जाम लगे रहने के साथ ही लोगों का पैदल आना-जाना भी आसान नहीं रह जाता।
यहां पार्किंग शुल्क के तौर पर बाइक और ऑटो से रोजाना पांच रुपये और जीप से रोजाना का 20 रुपये वसूले जाते हैं। तिराहे के साथ ही आसपास की आधी सड़क वाहनों की पार्किंग में ही खप जाती है। जबकि, शहर का सबसे व्यस्त तिराहा होने के नाते यहां आम दिनों में भी सबसे अधिक जाम लगता है। इस वक्त चौकाघाट फ्लाईओवर का विस्तार लहरतारा कैंसर अस्पताल तक चल रहा है तो जगह-जगह पाइलिंग और खुदाई से हालत और खराब हो गई है। चौकाघाट, अंधरापुल, कैंट के सामने और कैंट तिराहे पर पूरे दिन जाम की स्थिति रहती है। कैंट तिराहे पर ऑटो स्टैंड के साथ ही, सिटी बसों का स्टैंड और इलाहाबाद जाने वाली निजी बसों का स्टैंड हैं।