पुलिस की पाठशाला में बैठीं छात्र-छात्राएं
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कहा कि अगर किसी छात्रा या महिला को बाजार व अन्य जगहों पर आने-जाने के दौरान कोई परेशान करता है तो उसके बारे में तत्काल अपने परिजनों तथा नजदीक के थाने और पुलिस चौकी को सूचना दें। चोपन थानाध्यक्ष ने कहा कि कोई भी व्यक्ति मारपीट समेत अन्य घटनाओं की सूचना 112 नंबर दे सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नसीहत दी कि छात्र-छात्राएं अपने पिता और भाइयों को हेलमेट पहन कर दो पहिया और सीट बेल्ट लगाकर चार पहिया वाहनों को चलाने के लिए जागरूक करें।
गुरमा चौकी प्रभारी जय शंकर राय ने कहा कि अराजक तत्वों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भयमुक्त वातावरण प्रदान करने की हरसंभव कोशिश की जा रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य द्विजेंद्र नाथ मिश्र और संचालन गोपाल कृष्ण मिश्र ने किया। शिक्षक अरविंद कुमार राय, कुंवर असमंजस प्रताप, संत शुक्ला, कौशिक गुप्ता, विकास तिवारी, दीनानाथ मिश्रा, श्याम राज, सौरभ श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
छात्र-छात्राओं ने अधिकारियों से सवाल भी पूछा। अधिकारियों ने भी बेबाकी से सवालों का जवाब दिया। शिखा और अमीषु ने कहा कि सुनसान जगहों पर अगर किसी महिला को कोई परेशान करता है तो वह खुद की सुरक्षा कैसे करेंगी। जवाब में जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने कहा कि महिला को साहस का परिचय देते हुए सामने वाले व्यक्ति को धक्का देते हुए गिरा देना चाहिए और फिर तेज आवाज लगाते हुए भागने की कोशिश करनी चाहिए। शोर-शराबा सुनकर कोई न कोई मदद के लिए पहुंच जाएगा।
राधेश्याम और विशाल केशरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठाया। सवाल उठाया कि सड़क हादसे में घायल समेत अन्य पीड़ितों की मदद करने वालों से ही पुलिस पूछताछ करने लगती है, इसलिए लोग सहयोग करने से डरते हैं। जवाब में गुरमा चौकी प्रभारी जय शंकर राय ने कहा कि पीड़ितों की मदद करने वालों से पूछताछ नहीं की जाती है। इसलिए हर व्यक्ति निडर होकर पीड़ितों की मदद करे।