फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएचयू में कवि सम्मेलन: रावण को भी नमन किया ऐसे थे मर्यादित राम, अजहर इकबाल के नज्म पर खूब बजी तालियां

Sat, 01 Jul 2023 04:25 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू के साहित्यिक क्लब तर्ज-ए-सुखन की ओर से शुक्रवार को कवि सम्मेलन व मुशायरे पल्लब का आयोजन हुई। इसमें देश के नामी शायरों और कवियों ने अपनी शेर-ओ-शायरी और मौसिकी से खूब वाहवाली लूटी।
विज्ञापन
बीएचयू में कवि सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दया अगर लिखने बैठूं तो होते हैं अनुवादित राम, रावण को भी नमन किया ऐसे थे मर्यादित राम...। मशहूर शायर अजहर इकबाल ने जब अपनी ये नज्म गुनगुनाई तो बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में मौजूद छात्र-छात्राओं ने भी पूरी खुशदिली से उनका साथ दिया। हर शेर पर वाहवाही के बीच शेर-ओ-शायरी की महफिल का रंग चढ़ता चला गया।

विज्ञापन


मौका था बीएचयू के साहित्यिक क्लब तर्ज-ए-सुखन की ओर से शुक्रवार को आयोजित कवि सम्मेलन व मुशायरे पल्लब का। इसमें देश के नामी शायरों और कवियों ने अपनी शेर-ओ-शायरी और मौसिकी से खूब वाहवाली लूटी। अमर उजाला इस कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर रहा।

अजहर इकबाल से पहले कवि गौतम राज धीरज ने या रब तेरे गुमान से आगे की चीज हैं, हमलोग इस जहान से आगे की चीज हैं। तू किस तरह से हमपे कोई तीर खींचेगा, हम तो तेरी कमान से आगे की चीज हैं... शेर पढ़ा। इसके बाद दुनिया हमेशा मजनूं को मुलजिम समझती है, हालांकि यारों प्यार में लैला भी होती है... सुनाया। जैसे जैसे पल्लव की महफिल आगे बढ़ी वैसे वैसे युवाओं का जोश बढ़ता गया।

विज्ञापन

मशहूर शायर अजहर इकबाल - फोटो : अमर उजाला
इनके बाद पटना से आए मशहूर कवि व शायर अमृतेश मिश्रा ने भी अपनी रचनाओं से देर तक युवाओं में जोश भरा। सुनाया, किसी भी चांद से टुकड़े पर सोणा तिल नहीं देना, खुदा अगर जिंदगी देना तो देना मगर दिल नहीं देना...। इस पर युवाओं की खूब तालियां मिलीं।
विज्ञापन

इसी तरह डॉ. भावना श्रीवास्तव, कुशल दौनैरिया, अभिसार गीता, कृति चौबे, हिमांशु तिवारी, और आशुतोष कुमार ने अपनी रचनाओं से महफिल में चार चांद लगाया। बीएचयू के छात्र व युवा कवि रजनीश विश्वकर्मा राज ने सुनाया, जब वो रास्ते नया बनाता है, सारी दुनिया से प्यार पाता है.. सबसे जो जीतता है वो लड़का एक लड़की से हार जाता है...। संचालन मयंक तिवारी ने किया। कार्यक्रम का संयोजन आचार्य अश्विनी सरकार, डॉ. विंध्याचल यादव, गौरव प्रताप सिंह ने किया। तर्ज-ए-सुखन के सदस्य संदीप गुप्ता, दीपेश कुमार, अभिनव, अभिषेक भारती, अभिषेक झा, नितिन यादव, कोरल, अनुपमा, प्रिंस, शुभांगी, ओमी, सत्यम, रौशन की कार्यक्रम में सराहनीय भूमिका रही।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें