कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर वाराणसी के लमही गांव में दीपावली की तरह जश्न मनाया जाएगा। संस्कृति विभाग और ग्राम सभा के सहयोग से लमही महोत्सव को भव्य स्वरूप दिया जाएगा। कथा सम्राट की जयंती पर लमही गांव का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है।
ग्राम समिति की बैठक में आयोजन की तैयारियों पर रोज चर्चाएं हो रहीं हैं। रामलीला मैदान में होने वाले उत्सव में गांव के जन्मदिन को मनाने के साथ ही लमही उत्सव की शुरुआत हो जाएगी। इसके बाद मुंशी प्रेमचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण, बच्चों की ओर से नाटकों का मंचन, प्रमोद विश्वकर्मा का लोकगायन, मंचदूतम की ओर से सद्गति का मंचन और टीडी कॉलेज जौनपुर के छात्रों द्वारा नाटक का मंचन होगा।
साथ ही संस्कृति विभाग की ओर से संगोष्ठी, सभा, नाटक का मंचन और शाम को मुंशी प्रेमचंद के आवास को दीयों से सजाकर उत्सव में दीपावली का उल्लास बिखेरा जाएगा। बैठक में पूर्व ग्राम प्रधान संतोष कुमार, प्रमोद कुमार, सुरेश चंद दुबे, रामबचन पटेल, शशिकांत पटेल शामिल रहे।
लमही महोत्सव में होंगे हिंदी को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम
कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जन्मस्थली में लमही महोत्सव का आयोजन 29 से 31 जुलाई तक किया जाएगा। मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर प्रभातफेरी, संगोष्ठी, क्विज प्रतियोगिता, कहानी, काव्य और चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। 30 एवं 31 जुलाई को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में संगोष्ठी आयोजित होगी। हिंदी को केंद्र में रखकर लमही महोत्सव आयोजित होगा।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में बुधवार को कमिश्नरी सभागार में लमही महोत्सव की तैयारियों के लिए बैठक हुई। दीपक अग्रवाल ने लमही महोत्सव पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को इस तरह आयोजित किए जाने पर जोर दिया, जिससे हिंदी को बढ़ावा मिले।
उन्होंने युवा रचनाकारों से हिंदी में उनकी रचनाएं आमंत्रित किए जाने और अच्छे रचनाकारों को पुरस्कृत करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला संस्कृति अधिकारी को निर्देशित किया कि श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के आर्ट गैलरी में महोत्सव के दौरान पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित कराएं।
केंद्र सरकार द्वारा मुंशी प्रेमचंद्र के लमही आवास को म्यूजियम के रूप में विकसित किए जाने की योजना की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि उनके दावेदारों द्वारा इसकी सहमति दे दी जाए तो इस पर कार्य किया जाएगा, लेकिन म्यूजियम बनने के बाद वह सार्वजनिक संपत्ति हो जाएगी।