कृषि अनुसंधान केंद्र ने भी ट्रायल के लिए केशर का बीज उपलब्ध कराकर लगवाने का काम किया है। इसमें फूल आ गया है और केशर के फूल में डंडिया भी उग आई हैं। इससे पाली हाउस में केशर की खेती की संभावना जागृत हो गई है।
उद्यान विभाग के अनुसार कास्तकार कम क्षेत्र में केशर की खेती करके अधिक आमदनी कर सकते हैं और युवाओं का पलायन रोक जा सकता है। केशर के बल्ब यानी बीज की कीमत दो से ढ़ाई लाख प्रति कुंतल के करीब होती है और खेती छह महीने में पूरी होती है। बल्ब करीब दोगुना हो जाते हैं और केशर काफी महंगा बिकता है। जिससे किसान अच्छी आमदनी पा सकता है।