कश्मीर के मौसमी वातावरण के कारण यहां लंबे समय तक खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना संभव नहीं होता। इसी वजह से मौसम के अलग-अलग उतार-चढ़ाव के अनुसार खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। खेलों के दृष्टिकोण से राज्य को दो डिवीजन में विभाजित किया गया है, जहां छह-छह महीने तक खिलाड़ियों को तैयार किया जाता है।
बलविंदर सिंह जमवाल ने बताया कि कुछ वर्षों पहले तक जम्मू-कश्मीर में खेलों को लेकर जागरूकता की कमी थी। खिलाड़ी तो शुरू से थे, लेकिन प्रदेश की स्थिति ऐसी नहीं थी कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकें। कश्मीर के बदलते हालात के साथ अब यहां खिलाड़ियों की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।