प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी के विकास और परंपराओं पर पंडित मिश्र जी ने उन्हें कई बार महत्वपूर्ण सुझाव दिए। महात्मा गांधी जी की 150वीं जयंती पर वे उनके आवास पर पधारे थे जिसकी स्मृति आज गांधी जयंती के दिन यह संदेश लिखते हुए उनके लिए जीवंत है।
यद्यपि पंडित मिश्र जी आज सशरीर हमारे बीच नहीं हैं लेकिन भारत का हर संगीत प्रेमी उनके जीवन से प्रेरणा लेता रहेगा। काशी उनके भजनों से उन्हें हर उत्सव में स्मरण करती रहेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि पंडित मिश्र जी के स्वजनों की पीड़ा उनकी व्यक्तिगत पीड़ा है। प्रधानमंत्री ने प्रार्थना की कि बाबा विश्वनाथ पंडित छन्नूलाल मिश्रजी को अपने चरणों में स्थान दें और उनके शुभचिंतकों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करें।