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मंदिर प्रशासन जहां कहे जैसे कहे माफी मांग लूंगा

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मंदिर प्रशासन जहां कहे जैसे कहे माफी मांग लूंगा
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की सप्तर्षि आरती विवाद पर महंत परिवार बैकफुट आ गया है। दो दिन पहले सड़क पर सप्तर्षि आरती करने के बाद शनिवार को महंत परिवार की बैठक हुई। इसके बाद महंत परिवार के मुखिया डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा है कि मंदिर के शिखर के टूटने की अफवाह नहीं फैलाई। परिवार के सदस्यों से भूलवश कोई त्रुटि हुई है तो हम क्षमा मांगने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन जहां कहे, जैसे कहेगा, महंत परिवार का मुखिया होने के नाते मैं सार्वजनिक रूप से क्षमा मांग लूंगा। लेकिन इससे पहले सप्तऋषि आरती के प्राचीन स्वरूप को मंदिर प्रशासन आरंभ कराए। शनिवार को महंत परिवार की ऑनलाइन बैठक में आरती के विवाद पर चर्चा हुई। चारों परिवार के प्रतिनिधियों ने कहा कि कैलाश महादेव मंदिर में स्थापित परिवार की कई रजत प्रतिमाओं की तीन दिनों से पूजा नहीं करने दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कैलाश महादेव मंदिर व उसके अन्य हिस्सों को क्षतिग्रस्त नहीं किया गया है। मंदिर के शिखर के हिस्सों के क्षतिग्रस्त होने और अन्य हिस्सों में तोड़फोड़ की सूचना मुख्य कार्यपालक अधिकारी और एसएसपी को दी गई थी।
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ऑनलाइन बैठक में पं. राकेश भूषण त्रिपाठी ने कहा कि बृहस्पतिवार को सप्तऋषि आरती के अर्चकों को रोकना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सड़क पर आरती करना आत्मिक भावना से प्रेरित था। सप्तऋषि आरती के प्रधान अर्चक शशिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान 40 दिनों तक कोई व्यवधान नहीं था, फिर अचानक अवरोध क्यों हुआ। पं. उदयशंकर त्रिपाठी ने कहा कि सप्तऋषि आरती की स्थापना लिंगिया महंतों के पूर्वजों ने सप्तऋषि दीक्षित परंपरा के अनुसार की थी। इस दौरान पं. अनिरुद्ध शंकर त्रिपाठी, पं. जयशंकर त्रिपाठी, पं.रत्नभूषण त्रिपाठी, पं. विकास त्रिपाठी मौजूद रहे।
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