काशी विश्वनाथ मंदिर के आचार्य पं. देवी प्रसाद द्विवेदी को लेकर ह्वाट्स एप पर लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर तलवारें खिंच गई हैं। आचार्य पर सरकार को अंधेरे में रखकर पद्मश्री सम्मान हासिल करने और न्यास सदस्य पद हथियाने का आरोप वाट्स एप ग्रुप में चलाए जाने के बाद तूफान खड़ा हो गया है।
न्यास के ही वरिष्ठ सदस्य प्रदीप बजाज ने आचार्य के प्रति ह्वाट्स एप पर गरिमा के विपरीत टिप्पणी करने के मामले की जांच कराने के लिए एसएसपी आकाश कुलहरि को पत्र भेजा है। उन्होंने इस उठापटक के लिए न्यास के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी को सीधे जिम्मेदार ठहराया है। कहा है कि न्यास सदस्यों की जड़ खोदने का यह काम न्यास अध्यक्ष के इशारे पर हो रहा है। प्रमुख सचिव (धर्मार्थ कार्य) से लेकर मंडलायुक्त तक इस मामले की जानकारी पहुंचने से हड़कंप मच गया है।
न्यास परिषद के सदस्य प्रदीप बजाज ने एसएसपी को भेजे पत्र में कहा है कि प्रख्यात शिक्षाविद और विश्वनाथ मंदिर के आचार्य और न्यासी पद्मश्री डॉ. देवी प्रसाद द्विवेदी की प्रतिष्ठा गिराने की कोशिश वाट्सएप पर की जा रही है। एसएसपी को भेजे पत्र में उन्होंने कहा है कि ‘केवीएम न्यास/बाबा के भक्त’ नामक ह्वाट्सएप ग्रुप पर 21 जून की रात 11:40 बजे द्विवेदी की प्रतिष्ठा धूमिल करने वाला संदेश अजय शर्मा के एकाउंट से प्रसारित किया गया है। अजय की ओर से ह्वाट्स एप ग्रुप पर प्रसारित उद्गार आईटी एक्ट की धारा के तहत अपराध की श्रेणी में आते हैं। इस पर प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। इसके साथ ही प्रदीप ने इसके लिए न्यास अध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। कहा है कि न्यास अध्यक्ष की शह पर ही इस तरह की अपमान जनक टिप्पणी की जा रही है। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए।
मैं ह्वाट्सएप नहीं चला पाता हूं। अभी तक मैंने अपने बारे में किसी तरह के ह्वाट्सएप संदेश के बारे में न तो सुना है न तो पढ़ा है। मेरे पास इसके लिए वक्त नहीं है। मैं अपने शोध छात्रों की थीसिस तैयार कराने में व्यस्त हूं। जिनके पास काम नहीं हैं वह अनाप-शनाप लिख रहे हैं। रही बात पद्मश्री लेने के लिए धोखाधड़ी करने की तो , यह सर्वोच्च सम्मान है। इसकी प्रक्रिया सरकार पूरी कराती है। -आचार्य पं. देवी प्रसाद द्विवेदी
न्यास सदस्य देवी प्रसाद के बारे में किसी तरह के दुष्प्रचार कराने के बारे में मैं सोच भी नहीं सकता। यह पूर्णतया निराधार और मनगढ़ंत आरोप है।मेरे पास इसकी जानकारी जरूर मिली है। न्यास परिषद की अगली बैठक में मैं इस पर चर्चा कराऊंगा। -आचार्य पं. अशोक द्विवेदी- अध्यक्ष, काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद