श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के इतिहास में पहली बार सावन पूर्णिमा पर महंत आवास से बाबा विश्वनाथ की पालकी यात्रा मंदिर नहीं जाएगी। मंदिर प्रशासन ही सावन पूर्णिमा की परंपराओं का निर्वहन करेगा। महंत परिवार में दो पक्षों के विवाद को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। हालांकि महंत परिवार की ओर से आवास पर झूलनोत्सव की तैयारियां की जा रही हैं।
मंदिर प्रशासन की ओर से जारी बयान के अनुसार, धाम कॉरिडोर निर्माण से पहले मंदिर क्षेत्र में स्थित स्थानीय चल प्रतिमा का प्रयोग शोभायात्रा के लिए किया जाता था। श्री काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्निर्माण के समय मंदिर क्षेत्र से अन्यत्र जाते समय दो परिवारों ने चल प्रतिमा को साथ ले जाने का दावा किया था। स्व. डॉ. कुलपति तिवारी के जीवनकाल में चल प्रतिमा की शोभायात्रा मंदिर तक लाने पर आपत्ति नहीं की गई। हालांकि उनके भाई लोकपति तिवारी हमेशा इस पर आपत्ति करते रहे।