काशी विश्वनाथ मंदिर देश के अन्य मंदिरों के लिए एक रोल मॉडल बन चुका है। आधुनिक और सुव्यवस्थित प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण (प्लास्टिक-मुक्त पहल) जैसी पहल के साथ श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाया जा रहा है। मंदिर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाकर देशभर के मंदिरों को प्रबंधन, स्वच्छता और श्रद्धालु-केंद्रित सुविधाओं के जरिये नई सीख मिलेगी।
श्रद्धालुओं का प्रवेश और निकास हुआ आसान
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ कॉरिडोर और भक्त सुविधा केंद्र के निर्माण से श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास सुगम हुआ है। एकीकृत कमांड और नियंत्रण कक्ष और पर्याप्त जगह के साथ, भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। मंदिर परिसर को प्लास्टिक-मुक्त घोषित किया गया है और अब फूलमाला या प्रसाद के लिए प्लास्टिक का उपयोग प्रतिबंधित है।
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श्रद्धालुओं के लिए शुरू की गईं सुविधाएं
त्योहारों के दौरान भीड़ और व्यवस्था को संभालने के लिए मंदिर प्रशासन ने प्रभावी समन्वय और समाधान पर ध्यान केंद्रित किया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई प्रकल्प शुरू किए गए हैं, जैसे ऑनलाइन दर्शन, टिकट बुकिंग और लाइव दर्शन। भीड़ को नियंत्रित करने, दर्शन को सुगम बनाने और शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए हेल्प डेस्क है।