श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में मोबाइल व सामान रखने के लिए निशुल्क लॉकर का इंतजाम किया गया है। धाम क्षेत्र में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख द्वार के पास मोबाइल व सामान जमा करने के इंतजाम हैं लेकिन अधिकतर यात्रियों को इसकी जानकारी तक नहीं है। गेट नंबर चार के प्रवेश द्वार के आसपास इसका सूचना बोर्ड भी नहीं लगा हुआ। यात्री जब धाम में प्रवेश कर जाते हैं तब उनको पता चलता है कि यहां तो लॉकर के निशुल्क इंतजाम हैं।
केस एक : लेकिन प्रसाद आपको लेना पड़ेगा
सूरत से आए जतिन ठाकुर अपने साथियों के साथ श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। मंदिर से आठ सौ मीटर पहले से ही माला-फूल की दुकान वालों ने रोकना शुरू कर दिया। मंदिर में दर्शन के नियम समझाने के साथ ही मोबाइल जमा करने की बात बताने लगे। जतिन एक दुकान पर ठहर गए और मोेबाइल जमा करा दिया। दुकानदार ने बताया कि लॉकर निशुल्क है लेकिन प्रसाद आपको लेना पड़ेगा। मोबाइल जमा करा चुके थे तो सोचा कि ठीक है प्रसाद भी ले लेते हैं। इसके बाद प्रसाद चढ़ाकर जब लौटे तो दुकानदार ने 550 रुपये का बिल थमा दिया। इसके बाद दुकानदार और जतिन से थोड़ी बहस भी हुई।
केस दो : बतों में फंसाकर प्रसाद के नाम पर मांगे 550
गोरखपुर से आए विनय गिरि बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे, लेकिन धाम पहुंचने से पहले ही दुकानदारों ने उनको अपनी बातों में फंसा लिया। इसके बाद मोबाइल जमा कराकर प्रसाद के नाम पर साढ़े पांच सौ रुपये का भुगतान भी करा लिया गया।