काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट पर तैनात पुलिस बल
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सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत से नियुक्त कोर्ट कमिश्नर वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कुमार मिश्र सर्वे करने पहुंचे हैं। सर्वे से पहले दोनों पक्ष मस्जिद से कुछ दूर स्थित चौक थाने पर वाहन से पहुंचे। वहां से सर्वे के लिए टीम पहुंची। सर्वेक्षण टीम में पक्ष और विपक्ष के 30 से ज्यादा लोग शामिल हैं। फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम हैं। टीम अंदर दाखिल हो चुकी है। चौक क्षेत्र छावनी में तब्दील हो चुका है।
कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए वाराणसी के पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश ने खुद कमान संभाल रखी है। इतना ही नहीं लोकल इंटेलिजेंस यूनिट के साथ-साथ आईबी की टीमें भी सादी वर्दी में क्षेत्र में हैं। वीडियोग्राफी और साक्ष्य आदि के संबंध में सुरक्षित स्थान अधिवक्ता आयुक्त को पुलिस उपलब्ध करवाएगी। साथ ही अधिवक्ता आयुक्त नियमानुसार कमीशन कार्यवाही करेंगे और अपनी रिपोर्ट तय तिथि 10 मई को कोर्ट में दाखिल करेंगे।
अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता अभय एन यादव ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि ऐसी बहुत सी बातें हैं जिसे कोर्ट ने ऑर्डर नहीं दिया है। अदालत ने वही आदेश पारित किया है जिसके लिए याचिका दाखिल की गई थी। अब यह देखने वाली बात होगी कि कोर्ट द्वारा नियुक्त साधारण कमिशन किस तरह की रिपोर्ट अदालत में दाखिल करती है।
इधर, काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के ट्रस्टी डॉ बृज भूषण ओझा ने कहा कि जब कोई झांकी निकलती है तो लोग उसमें शामिल होने के लिए उत्सुक रहते हैं। यही कारण है कि यहां आज इतनी भीड़ है। इसका कोई और मतलब नहीं है। जिन्होंने अदालत के आदेश की अवमानना की है उनकी नागरिकता साबित होनी चाहिए कि वो भारतीय हैं या किसी दूसरे देश के।