सरकार अपने बनाए हुए अधिनियम की खुद अवहेलना कर रही है। अधिकारी किस तरह से हरकत कर रहे हैं, क्या अधिकारियों का राज है। अधिकारी निरंकुश हैं और किसी बात का जवाब नहीं देते हैं। शहर दक्षिणी के विधायक और धर्मार्थ कार्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी को यह बात प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचानी चाहिए।
मेरा सभी से निवेदन है कि बाबा विश्वनाथ को रहने दिया जाए। स्थिति तो ऐसी हो चुकी है कि मेरा मन करता है कि मैं आत्महत्या कर लूं। नौगढ़ की प्रतिमा को इस तरह से तोड़ा गया है कि कहा नहीं जा सकता है। बाबा की कचहरी, अविमुक्तेश्वर महादेव समेत बाबा के परिवार को उनके स्थान से हटा दिया गया है।