श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण का रास्ता विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद ने साफ कर लिया है। गंगा घाट से लेकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बीच आने वाले सभी भवनों के अर्जन के लिए अलग अलग कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद की योजना है कि कुंभ मेले से पहले मंदिर के विस्तारीकरण की रुपरेखा को मूर्त रुप दे दिया जाए।
दरअसल, विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण के लिए कराए गए सर्वे में 296 भवन चिन्हित किए गए हैं। इसमें 115 भवनों की रजिस्ट्री हो चुकी है। विशिष्ट क्षेत्र प्राधिकरण ने शासन से अनुमति के बाद भवनों के अधिग्रहण का प्रस्ताव दिया था। इसमें 148 भवनों की सूची अधिग्रहण के लिए भेजी गई है। बचे हुए 33 भवनों में 24 सेवइत संपत्तियों को न्यास परिषद की देखरेख में छोड़ दिया है।
इसमें न्यास परिषद इन संपत्तियों को खरीदेगा। बाकी बचे नौ भवनों के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी और दो अपर नगर मजिस्ट्रेट बातचीत करेंगे। ऐसे में साफ है कि भवनों को मंदिर परिसर में शामिल होने के बाद विस्तारीकरण की योजना को अमल करने में आसानी होगी।
सूत्रों की मानें तो अब तक लिए गए भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद मंदिर में प्रवेश द्वार को चौड़ा कर लिया जाएगा। अगले एक माह में बाकी बचे भवनों को अधिग्रहित और खरीदने के बाद जनवरी से पहले गंगा से विश्वनाथ मंदिर के बीच विस्तारीकरण की योजना अमल में लाई जाएगी।
खरीदे जा चुके मकानों के ध्वस्तीकरण के लिए बनाई जाएगी कार्ययोजना
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श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद की ओर से कराए गए सर्वे के पूरा होने के बाद उसे अनुमोदित कर पुर्नवास के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। पुर्नवास के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण दांदूपुर में इन लोगों को आवास मुहैया कराएगा। आवास नहीं लेने वालों को उतनी धनराशि मुहैया कराने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा खरीदे जा चुके मकानों के ध्वस्तीकरण के लिए कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद की बैठक में इस पूरी परियोजना के लिए प्रस्तावित बजट भी स्वीकृति किया गया है। शासन से अनुमति मिलने के बाद इस पर काम शुरू किया जाएगा।
मंडलायुक्त सभागार में विशिष्ट क्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक में बजट पर चर्चा कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें विशिष्ट क्षेत्र के चिन्हित किराएदारों के पुर्नवास की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। शासन से बजट जारी होने के बाद विकास प्राधिकरण दांदूपुर में आवास का निर्माण करेगा।
इसके अलावा मणिकर्णिका घाट शवदाह करने वाले परिवारों इत्यादि को समुचित पुर्नव्यवस्थापन करने, अधिसूचित क्षेत्र की सीमा से सटे निकटवर्ती भवनों के अर्जन पर विचार विमर्श हुआ। अब तक खरीदे जा चुके भवनों के ध्वस्तीकरण के साथ मंदिर के विस्तारीकरण की कार्ययोजना को भी अनुमोदित किया गया।
परिषद के अध्यक्ष दीपक अग्रवाल ने बताया कि चार टीमों से पूरे क्षेत्र का सर्वे कराया गया था। उसकी रिपोर्ट को अनुमोदित कर शासन को भेज दिया गया। बैठक में काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पंडित अशोक द्विवेदी, जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष वीडीए राजेश कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
नियुक्ति की बजाय डेपुटेशन को तवज्जो
प्रमोशन
शासन की ओर से सृजित किए गए 15 पदों पर विकास परिषद की बैठक में भी चर्चा की गई। इसमें पदों को भरने के लिए नियुक्ति की बजाय अलग अलग विभागों से डेपुटेशन पर कर्मचारियों की नियुक्ति पर विचार विमर्श किया गया।
लक्ष्मी को वित्त नियंत्रक काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार
अपर निदेशक कोषागार व पेंशन वाराणसी मंडल लक्ष्मी शुक्ला को वित्त नियंत्रक काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद वाराणसी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद लखनऊ में सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत विनीत प्रकाश श्रीवास्तव व जय प्रकाश त्रिवेदी को जिला लेखा परीक्षा अधिकारी कार्यालय लखनऊ में समायोजित कर दिया गया है। एसजीपीजीआई लखनऊ में सहायक निदेशक द्विजेश चंद्र लाल को जिला लेखा परीक्षा अधिकारी हरदोई के पद पर भेजा गया है।