अब मंगलवार को बैठक में एडीएम प्रशासन आलोक वर्मा और एसीपी गौरव कुमार के साथ मंदिर प्रशासन के अधिकारियों की टेलिफोनिक वार्ता हुई। बैठक में बताया गया है कि गंगा आरती समितियों के ही अर्चक कराएंगे। लेकिन, मंदिर प्रशासन इनको मासिक वेतन देगा। आरती की पूरी जिम्मेदारी मंदिर की रहेगी। बैठक के बाद मंदिर समितियों का कहना है कि प्रशासन से उन्हें लिखित में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। मौखिक बातचीत पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
वहीं, दशाश्वमेध के कुछ ही वर्षों के बाद उनकी भी आरती शुरू हो गई थी, इसे बंद कराना उचित नहीं होगा। इसको लेकर पीएम मोदी तक को चिट्ठी लिखने की बात कही है। प्रशासन लगातार बैठक कर इस समस्या का हल निकालने में जुटा है। प्रशासन का मानना है कि धार्मिक यात्रा पर काशी आने वाले पर्यटकों के साथ हो रही अवैध वसूली पर पुलिस प्रशासन की नजर नहीं है।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं के साथ हो रही दिक्कतों को संज्ञान में लेते हुए समस्या का हल निकाला जा रहा है। आने वाले दिनों में सभी पक्षों से बातचीत करके समाधान निकाला जाएगा। भक्त और भगवान के बीच में कोई आड़े नहीं आएगा। -आलोक वर्मा, एडीएम प्रशासन
घाट पर पर्यटकों से दुर्व्यवहार, अवैध धन उगाही और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -गौरव कुमार, एसीपी भेलूपुर