स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती (फाइल)
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सिद्धगिरि बाग स्थित ब्रह्म निवास में प्रेसवार्ता में स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि न्यायालय ने शृंगार गौरी विवाद में ज्ञानवापी मस्जिद की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी लिए एक टीम गठित की है, जो छह मई को विवादित परिसर में जाकर वीडियोग्राफी और सर्वे का कार्य करेगी।
अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के सचिव एसएस यासीन कह रहे हैं कि वीडियोग्राफी और सर्वेक्षण के लिए किसी को मस्जिद के अंदर घुसने नहीं देंगे। यह देश संविधान ओर कानून के अनुसार चलेगा। ऐसा नहीं है कि विवादित परिसर का सर्वेक्षण पहली बार हो रहा है।
उसी मुकदमे में अंग्रेजी सरकार ने दो विशेषज्ञों इतिहासकार डॉ परमात्मा सरन और इतिहासकार डॉ ए एस अल्टेकर को अदालत में गवाह के तौर पर प्रस्तुत किया था। इन दोनों ने भी ज्ञानवापी मस्जिद परिसर, मस्जिद के नीचे स्थित तहखाने और पश्चिमी दीवार में प्राचीन मन्दिर के भग्नावशेषों का विस्तार से सर्वेक्षण और अध्ययन किया था। इस दौरान हरिहर पांडेय, गोविंद शर्मा मौजूद रहे।