इसी कड़ी में बुधवार को सदस्य सुधीर सिंह के साथ बाबा कालभैरव मंदिर पत्रक देने पहुंचे थे। इसके बाद प्रशासन को इस बात की जानकारी हुई तो सुरक्षा व्यवस्था बरकरार रखने के लिए कोतवाली थाना प्रभारी महेश पांडेय ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए सुधीर सिंह सहित पांच लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
हिरासत में लिए गए सुधीर सिंह ने कहा कि मुगल शासक ने सैंकड़ों वर्ष पहले श्रीकाशी विश्वनाथ और श्रृंगार गौरी के देव विग्रहों को तोड़कर कुएं में फेंक दिया था। जो आज भी ज्ञानवापी मस्जिद में कैद है। सुधीर ने बताया कि बड़े-बड़े राजनेता, अधिकारी और विशिष्टजन भी काशी में आने के बाद बाबा से अर्जी लगाते हैं। बाबा हम काशी वासियों की प्रार्थना भी सुनेंगे। इसके पहले भी सुधीर सिंह और समिति के सदस्यों को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर से गिरफ्तार किया गया था।